ऑपरेशन सिंदूर: विदेश से लौटे डेलिगेशन…डिनर के साथ पीएम मोदी से होगी खास मुलाकात…!

भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल “ऑपरेशन सिंदूर” Opretion Sindoor के तहत विभिन्न देशों में भेजे गए संसदीय प्रतिनिधिमंडल अब भारत लौट चुके हैं। ये प्रतिनिधि आज शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे और विदेशों में हुई चर्चाओं व रणनीतिक वार्ताओं की विस्तृत जानकारी साझा करेंगे।

ऑपरेशन सिंदूर में विदेश से लौटे डेलिगेशन
PM मोदी से मिलेंगे प्रतिनिधि मंडल के सदस्य
दुनियाभर में हुई बातचीत का देंगे फीडबैक
भारत ने 59 सांसदों को 33 देशों में भेजा था

प्रधानमंत्री मोदी शाम 7:30 बजे अपने आधिकारिक आवास पर ऑपरेशन सिंदूर के तहत विदेशों में भारत का संदेश लेकर गए सांसदों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात न केवल एक औपचारिक स्वागत है, बल्कि यह बैठक आतंकवाद के खिलाफ भारत की वैश्विक रणनीति पर आगे की दिशा तय करने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी इन सांसदों के अनुभव और फीडबैक लेंगे, जिन्होंने हाल ही में दुनियाभर के विभिन्न देशों में जाकर भारत का पक्ष मजबूती से रखा। इसके अतिरिक्त पीएम मोदी सभी सांसदों के लिए एक विशेष डिनर की मेजबानी भी करेंगे।

आतंकवाद पर वैश्विक समर्थन जुटाना
ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत सरकार ने एक विशेष पहल करते हुए कुल 59 सांसदों को 33 देशों में भेजा था। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य था। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को बेनकाब करना। भारत की विदेश नीति और आर्थिक एजेंडे को आगे बढ़ाना और प्रवासी भारतीयों से जुड़कर उनकी समस्याओं को समझना। इस प्रतिनिधिमंडल को एक विशेष टास्क यह भी दिया गया था कि वे पाकिस्तान की जमीन पर पल रहे आतंकी नेटवर्क को लेकर ठोस सबूत और भारत का पक्ष उन देशों के सामने रखें। जिनके साथ भारत रणनीतिक साझेदारी मजबूत करना चाहता है।। सात वरिष्ठ सांसदों को दी गई थी टीम लीड की जिम्मेदारी। इस ऑपरेशन के तहत सात वरिष्ठ सांसदों को लीडर के तौर पर नियुक्त किया गया था।

शशि थरूर (कांग्रेस) – अमेरिका यात्रा की अगुवाई
रविशंकर प्रसाद (भाजपा)
संजय कुमार झा (जदयू)
बैजयंत पांडा (भाजपा)
कनिमोझी करुणानिधि (डीएमके)
सुप्रिया सुले (एनसीपी)
श्रीकांत शिंदे (शिवसेना)

इन सांसदों ने वैश्विक राजनयिकों, सांसदों, मीडिया प्रतिनिधियों और भारतीय समुदाय के साथ गहन संवाद किया।

अमेरिका से लौटा शशि थरूर का प्रतिनिधिमंडल
कांग्रेस नेता शशि थरूर के नेतृत्व में अमेरिका गए प्रतिनिधिमंडल में कई अन्य प्रमुख सांसद शामिल थे।

सरफराज अहमद (JMM)
गंटी हरीश मधुर बलयोगी (TDP)
शशांक मणि त्रिपाठी, भुवनेश्वर कलिता, मिलिंद देओरा (शिवसेना)
और तेजस्वी सूर्या (BJP)
यह टीम भी दिल्ली लौट आई है और प्रधानमंत्री की बैठक में भाग लेगी।

नई रणनीति पर चर्चा
सूत्रों की मानें तो इस बैठक में पीएम मोदी सांसदों से यह जानना चाहेंगे कि उन्हें किन देशों से कितना समर्थन मिला। कहां भारत की बात को किस तरह से सुना गया। किन क्षेत्रों में आगे कूटनीतिक प्रयासों की जरूरत है। बैठक में यह भी तय किया जा सकता है कि भारत आने वाले महीनों में आतंकवाद और रणनीतिक साझेदारी को लेकर नए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर किस तरह से आगे बढ़ेगा।
ऑपरेशन सिंदूर भारत की नई विदेश नीति का उदाहरण है। जहां संसद की आवाज़ को अंतरराष्ट्रीय समुदाय तक पहुंचाने के लिए चुने हुए प्रतिनिधियों ने सक्रिय भूमिका निभाई है। बैठक भारत की सुरक्षा और कूटनीतिक रणनीति के लिए एक नई दिशा तय कर सकती है।

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