जानें बांग्लादेश हिंसा से लेकर सेकुलर सिविल कोड और महिलाओं पर अत्याचार…लाल किले की प्राचीर से क्या-क्या बोले पीएम मोदी?

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले पर 11वीं बार तिरंगा फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने कहा विश्व में आज भारत को देखने का नजरिया बदल गया है। यह अवसर हमें जाने नहीं देना है। यह मौका हमें जाने नहीं देना चाहिए। इसी मौके को पकड़कर अपने संकल्प को पूरा करेंगे और स्वर्णिम भारत की अपेक्षा को पूरा करना है। यह भारत के लिए स्वर्णिम योग है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा लोगों के जीवन में सरकार की दखल काम हो उसे दिशा में हमने काम करना शुरू कर दिया है। हम देशवासियों के लिए 1000 से ज्यादा कानून को खत्म कर दिया। ताकि कानून की जंजाल में देशवासियों को फंसना ना पड़े। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा में राष्ट्र ने भारी नुकसान उठाया है। वह आज उन सबके प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं और पीड़ित परिजनों को विश्वास दिलाते हैं कि यह देश इस संकट की घड़ी में उन सबके साथ खड़ा है।
प्रधानमंत्री ने कहा आज आजादी के पहले के दिन याद करें तो सैकड़ो॔ साल की गुलामी संघर्ष कर युवा हो बुजुर्ग हो किसान हो महिला हो आदिवासी हो उन्होंने गुलामी के खिलाफ जंग लड़ते रहे। अनवरत जंग लड़ते रहे। इतिहास गवाह है कि 1857 के संघर्ष के पूर्व भी देश के कोई आदिवासी क्षेत्रों में आदिवासी क्षेत्रों में आजादी की जंग लड़ी गई।
प्रधानमंत्री ने कहा गुलामी का इतना लंबा कालखंड को तोड़ने उस समय करीब 40 करोड़ देशवासी आजादी के पूर्व 40 करोड़ देशवासियों ने वह जज्बा दिखाया। वह समर्थ दिखाए एक सपना लेकर चले एक संकल्प लेकर चलते रहे। जूझते रहे एक ही श्रद्धा वंदे मातरम एक ही सपना था भारत की आजादी का। 40 करोड़ देशवासियों में और हमें गर्व है कि हमारी रगों में उनका खून है।हमारे देश के 40 करोड़ लोगों ने दुनिया की सबसे मजबूत सत्ता को उखाड़ कर फेंक दिया था। गुलामी की जंजीरों को तोड़ दिया था। अगर हमारे पूर्वज जिनका खून हमारी रगों में है। आज हम 140 करोड़ है, अगर 40 करोड़ गुलामी की जंजीर तोड़ सकते हैं अगर 40 करोड़ आजादी के सपने को पूरा कर सकते हैं। आजादी लेकर के रह सकते हैं तो 140 करोड़ नागरिक अगर संकल्प करके चल पड़े एक दिशा में तो हम 2047 के विकसित भारत के सपने को पूरा कर सकते हैं।

विकसित भारत 2047 के लिए अनगिनत सुझाव मिले

विकसित भारत 2047 के लिए अनगिनत सुझाव दिए हैं। हर देशवासी का सपना इस सुझाव में झलकता है। किसान दलित आदिवासी युवा महिला हर किसी ने 2047 में जब देश आजादी के 100 साल मनाएगा तब तक विकसित भारत के लिए सुझाव दिए।कई महत्वपूर्ण सुझाव लोगों ने दिए। भारत को जल्द से जल्द जीवन के हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का सुझाव दिया। कई लोगों ने सुझाव दिया कि किसान जो मोटा अनाज पैदा करते हैं। जिनको श्रीअन्न कहते हैं सुपर फूड को दुनिया के हर डाइनिंग टेबल तक पहुंचना है। हमें विश्व के पोषण को बोल देना है और भारत के छोटे किसानों को मजबूती देना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब देशवासियों के इतने बड़े सपने हो उनकी बातों में संकल्प झलकता हो तो हमारे भीतर एक नया संकल्प हर भर जाता है। हमारा आत्मविश्वास ऊंचाई पर पहुंच जाता है। देशवासियों का यह भरोसा सिर्फ कोई इंटेलेक्चुअल डिबेट नहीं है। यह भरोसा अनुभव से निकला है। यह विश्वास लंबे कालखंड के बाद पिलाई और इसलिए देश का सामान्य मानवी से जब लाल किले से कहा जाता है कि देश के हर गांव तक बिजली पहुंचाएंगे और वह काम हो जाता है तब यह भरोसा और मजबूत हो जाता है।

महिला अत्याचार पर तत्काल हो जांच

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लाल किले से अपनी एक पीड़ा व्यक्त करना चाहते हैं कि महिलाओं के प्रति जो अत्याचार हो रहा है। उसके प्रति देश का आक्रोश है। जन सामान्य का आक्रोश है। इस आक्रोश को वह महसूस कर रहे हैं।इसको देश को समाज को हमारे राज्य सरकारों को गंभीरता से लेना होगा। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों के जल्द से जल्द जांच हो। राक्षसी करने वालों को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिले विश्वास पैदा करने के लिए जरूरी है।

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