ग्वालियर में शनिवार 5 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सामाजिक समरसता सम्मेलन में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में वे जौरासी गांव में अंबेडकर धाम का भूमि-पूजन करेंगे और विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरित करेंगे। मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता की शपथ भी दिलाएंगे और उत्कृष्ट योगदान देने वाले नागरिकों को सम्मानित करेंगे।
राज्य सरकार की ओर से डॉ.अंबेडकर के विचारों को केंद्र में रखकर शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और सांस्कृतिक संरक्षण से जुड़ी कई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें मेधावी छात्र पुरस्कार, कामधेनु योजना, उद्योग उदय योजना, तकनीकी शिक्षा संस्थान, अंबेडकर गौशाला योजना और वन्यजीव अभयारण्य प्रमुख हैं। महू, दिल्ली, नागपुर, मुंबई और लंदन स्थित अंबेडकर स्थलों को तीर्थ-दर्शन योजना में जोड़ा गया है।
बता दें डॉ.अंबेडकर की स्मृति में अनेक स्मारक, पुस्तकालय, केंद्र व संस्थान विकसित किए गए हैं। केंद्र सरकार द्वारा संचालित DACE योजना जैसे प्रयास अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा और सिविल सेवा में प्रवेश को आसान बना रहे हैं।
बता दें मध्यप्रदेश में साल 2004 से डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना का संचालन किया जा रहा है। जिसमें अनुसूचित जाति वर्ग के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए सरकार की ओर से ऋण और ब्याज सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। पिछले दिनों डॉ.अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत भी प्रदेया में की गई। जिसका उद्देश्य प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहन देने के साथ ही पशुपालकों को आर्थिक सहयोग प्रदान करना भी है। योजना के तहत 42 लाख तक के ऋण पर करीब 33% तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इसी प्रकार डॉ.अंबेडकर उद्योग उदय योजना के जरिए एससी-एसटी उद्यमियों को भी एमएसएमई क्षेत्र में प्रोत्साहन के साथ वित्तीय सहयोग दिया जा रहा है।
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