ओम बिरला ध्वनिमत से 18वीं लोकसभा के अध्यक्ष…प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्ताव पर यह दल भी हुए सहमत…!

Om Birla became the Speaker of 18th Lok Sabha by voice vote These parties also agreed to PM Modi proposal

ओम बिरला एक बार फिर लोकसभा अध्यक्ष बन गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्पीकर पद के लिए ओम​ बिरला के नाम का प्रस्ताव पेश किया था। इस तरह बुधवार 26 जून 2024 को बिरला को ध्वनिमत से स्पीकर चुना गया। बता दें NDA ने राजस्थान के कोटा से तीसरी बार सांसद चुने गये ओम बिरला को अपना प्रत्याशी बनाया था। जिन्हें ध्वनिमत से अध्यक्ष चुन लिया गया है। हांलाकि विपक्षी INDIA ब्लॉक की ओर से केरल के मवेलीकारा से आठ बार के सांसद के सुरेश को मैदान में उतारा था, लेकिन प्रस्ताव के दौरान विपक्ष ने डिविजन की मांग नहीं की। ऐसे में ओम बिरला को सवसम्मति से 18वीं लोकसभा का अध्यक्ष चुन लिया गया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुने जाने पर ओम बिरला को बधाई देते हुए कहा कि आपके पिछले कार्यकाल 17वीं लोकसभा में संसदीय इतिहास का वह स्वर्णिम काल था। आपकी अध्यक्षता में सांसद ने जो ऐतिहासिक निर्णय लिये। आपकी अध्यक्षता में सदन के माध्यम से जो सुझाव मिले। यह अपने आप में सदन की भी और आपकी भी विरासत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भविष्य में 17वीं लोकसभा के समय संबंध में विश्लेषण होंगे। उसके विषय में लिखा जाएगा तो भारत के भविष्य को नई दिशा देने में आपकी अध्यक्षता वाली 17वीं लोकसभा वाली बहुत बड़ी भूमिका रहेगी। पीएम मोदी ने कहा अध्यक्ष जी 17वीं लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023, जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक, भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता, डिजिटल डाटा प्रोटक्शन बिल, महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक, प्रोटेक्शन ऑफ राइट कंज्यूमर प्रोटक्शन बिल, डायरेक्ट टैक्स, सामाजिक और आर्थिक महत्व के ऐसे कितने ही महत्वपूर्ण ऐतिहासिक कानून 17वीं लोकसभा में पारित किए गए, जो आपकी अध्यक्षता में इस सदन में पारित किए गए। देश के लिए एक मजबूत नीति बनाई गई।

जो काम 70 साल बाद भी नहीं हुए वो पिछले पांच साल में हुए

पीएम मोदी ने कहा जो काम आजादी के 70 साल बाद भी नहीं हुए। वह आपकी अध्यक्षता में इस सदन में करके दिखाये हैं। अध्यक्ष जी लोकतंत्र की लंबी यात्रा में कई पड़ाव आए। कुछ अवसर ऐसे भी होते हैं। जब हमें कीर्तिमान स्थापित करने का सौभाग्य मिला है 17वीं लोकसभा में। उन्हें पूरा विश्वास है देश आज भी और भविष्य में भी उसका गौरव करेगा। आज देश अपनी आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए भारत को आधुनिक दिशा बनाने की दिशा में हर तरह से प्रयास हो रहे हैं। पीएम ने कहा वे मानते हैं कि नया संसद भवन ही अृमत काल के भविष्य को लिखने का काम करेगा। वह भी आपकी अध्यक्षता में प्रधानमंत्री ने कहा कि नए संसद भवन में हम सब का प्रवेश आपकी ही अध्यक्षता में हुआ। अपने संसदीय कार्य प्रणाली को प्रभावी और जिम्मेदार बनाने का कई महत्वपूर्ण फैसले लिए और इसलिए लोकतंत्र को मजबूती देने में मदद मिली है। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकसभा में हम पेपर लेस डिजिटल व्यवस्था से आज काम कर रहे हैं। पहली बार अपने सभी सांसदों को ब्रीफिंग के लिए व्यवस्था की। इससे सभी सांसदों को भी आवश्यक रेफरेंस मैटेरियल मिला। उसके कारण सदन की चर्चा अधिक पोस्ट हुई। यह आपका एक अच्छी यूनिवर्सिटी थी। जिसमें सांसदों में विश्वास पैदा किया कि हां वह भी कुछ कह सकते हैं।

यह भवन 140 करोड़ देशवासियों की आशा का केन्द्र है

प्रधानमंत्री ने कहा कि जी 20 भारत की सफलता के महत्वपूर्ण प्रश्न है लेकिन बहुत कम चर्चा हुई। वहीं T20 और आपके नेतृत्व में जी-20 देश के जो पीठासीन स्पीकर से उनका सम्मेलन आपकी अध्यक्षता में हो और अब तक T20 के जितने सम्मेलन हुए। उसमें यह ऐसा होता था कि दुनिया के सर्वाधिक देश आपका निमंत्रण पर भारत आए और बहुत ही उत्तम प्रकार के निर्णय उसे समय हुए और उसने विश्व में भारत की लोकतंत्र की जो प्रतिष्ठा है। उसको गौरव देने में बहुत बड़ा रोल अदा किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अध्यक्ष जी आपने यह हमारा भवन चार दीवारें नहीं है। हमारा यह सांसद 140 करोड़ देशवासियों की आशा का केंद्र है। आचरण हमारे देश को देशवासियों के मन में लोकतंत्र के प्रति निष्ठा को और अधिक मजबूत बनाते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आपके मार्गदर्शन में 17वीं लोकसभा उसकी प्रोडक्टिविटी 25 साल के हाईएस्ट लेवल पर 97% रही। इसके लिए सम्माननीय सदस्य अभिनंदन के अधिकारी हैं लेकिन आप विशेष अभिनंदन के अधिकारी हैं।

17वीं लोकसभा में लिये गये कई एतिहासिक फैसले

प्रधानमंत्री ने कहा कोरोना जैसे मुश्किल कालखंड में अपने हर सांसद से व्यक्तिगत फोन पर बात करके उसका हाल पूछा। कहीं किसी सांसद की बीमारी की खबर आई तो अपने सदन के अध्यक्ष के नाते व्यक्तिगत रूप से उसकी चिंता की और सभी दल के सांसदों से जब यह सुनने को मिलता था तो गर्व होता था। जैसे आप परिवार के मुखिया के रूप में कोरोना काल के समय भी सांसदों की चिंता करते थे। आपने सदन का काम रुकने नहीं दिया। सांसदों ने भी आपके हर सुझाव को सर आंखों पर चढ़ना। किसी से ऊपर बैठने के लिए कहा था वह वहां जाकर बैठे किसी से दूसरी जगह लेकिन देश के काम को रोकने नहीं दिया। आपके फैसले का ही परिणाम है कि उसे कठिन कार्यकाल में भी हम काम कर पाए। कोरोना काल में सदन में 170% प्रोडक्टिविटी दी। यह अपने आप में दुनिया के लिए सबसे बड़ी खबर है।

अध्यक्ष जी हम सब चाहते हैं कि सदन में आचरण सदन के नियमों का पालन हम सब करें और अपने बड़े सटीक तरीके से सटीक तरीके से फैसले लिए हैं। कभी-कभी कठोरता से फैसले लिए हैं लेकिन वे जानते हैं कि जैसे फैसला आपको पीड़ा भी देते हैं लेकिन आपने सदैव सदन की गरिमा और और व्यक्ति का संबंध में अपने सदन की गरिमा को पसंद किया। यह साहसपूर्ण कार्य के लिए आप अभिनंदन के अधिकारी हैं। उन्हें विश्वास है अध्यक्ष जी आपको सफल होने वाले हैं लेकिन आपकी अध्यक्षता में यह 18वीं लोकसभा भी बहुत सफलतापूर्वक देश के नागरिकों के सपनों को पूरा करेगी और फिर एक बार आपको इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए और देश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले सदन के अध्यक्षता के लिए आधार शुभकामनाएं देते हैं। बहुत-बहुत बधाई देते हैं।

Exit mobile version