राजस्थान के खाटूश्यामजी में इन दिनों भक्ति अपने चरम पर है। बाबा श्याम के वार्षिक फाल्गुनी लक्खी मेले के अंतर्गत चल रहे आठ दिवसीय आयोजन के सातवें दिन, एकादशी के पावन अवसर पर श्रद्धा का अलौकिक दृश्य देखने को मिला। शीश के दानी बाबा श्याम नीले घोड़े पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए निकले तो पूरा खाटू धाम जयकारों से गूंज उठा। भव्य रथयात्रा की शुरुआत बाबा श्याम मंदिर परिसर से हुई। यह यात्रा मुख्य बाजार और नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई पुनः मंदिर प्रांगण पहुंची। जैसे ही रथ नगर में आगे बढ़ा, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई रथ को छूकर बाबा का आशीर्वाद लेने को आतुर दिखा। सड़कों पर श्रद्धा, उल्लास और भक्ति का अद्भुत सैलाब नजर आया। रथयात्रा के दौरान जगह-जगह पुष्प वर्षा की गई और भजनों की मधुर धुनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। फाल्गुनी लक्खी मेले के चलते देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी लाखों श्रद्धालु खाटू धाम पहुंच रहे हैं। मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं, ताकि भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस वर्ष रथयात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण बाबा का विशेष रथ रहा, जिसे करीब 125 किलो शुद्ध चांदी से निर्मित किया गया है। इस शाही रथ में बाबा श्याम के साथ उनके प्रिय नीले घोड़े की भव्य आकृति भी विराजमान रही। खाटू धाम इन दिनों भक्ति, विश्वास और आनंद का जीवंत प्रतीक बना हुआ है।




