सिद्धारमैया एक बार फिर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। इसके साथ ही डीके शिवकुमार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। ये दोनों शनिवार को बेंगलुरु में शपथ लेंगे। इस शपथ ग्रहण समारोह में ज्यादातर विपक्षी नेताओं को न्योता दिया गया है। हालांकि, केजरीवाल और के.सी. आर. को आमंत्रित नहीं किया गया था। राजनीतिक पंडित समारोह को विपक्षी एकता की ताकत का प्रदर्शन बता रहे हैं।
- शनिवार को होगा शपथ ग्रहण समारोह
- कई राज्यों के मुख्यमंत्री और नेता रहेंगे मौजूद
- समारोह में होगा विपक्षी एकता की ताकत का प्रदर्शन
- कई राज्यों के मुख्यमंत्री होंगे शामिल
- गैर बीजेपी दल के नेताओं के साथ होगा शक्ति प्रदर्शन
- केजरीवाल, जगनमोहन रेड्डी और केसीआर से दूरी
कांग्रेस की ओर से शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी शुरू कर दी है। शपथ ग्रहण समारोह में देश भर के सभी दलों के नेताओं के लिए निमंत्रण सूची तैयार की गई है। इस लिस्ट में दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर समेत नामों को शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित नहीं किया गया है। वहीं, सिद्धारमैया सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव समेत कई नेता शामिल होंगे।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, सपना अध्यक्ष अखिलेश यादव, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, तमिलनाडु मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत। सोरेन, पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, सीपीआई महासचिव डी राजा, सीपीआईएम महासचिव सीताराम येचुरी, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, अभिनेता कमल हासन और अन्य हस्तियां शपथ ग्रहण में भाग लेंगी।
समारोह। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी, तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर सहित नेताओं को आमंत्रित नहीं किया गया है। बता दें 10 मई को हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने भारी जीत दर्ज की है। कांग्रेस पार्टी ने 224 में से 135 सीटें जीती हैं। कर्नाटक में बीजेपी को करारी हार मिली है। बीजेपी 66 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर है। जबकि जेडीएस को महज 19 सीटें मिली थीं।





