9 दिसंबर की रात भारत और चीन के सैनिकों के बीच अरुणाचल प्रदेश के तवांग में LAC के पास झड़प की खबर आ रही है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने इसकी पुष्टि की है। इसमें भारत की तरफ से 8 सैनिकों के तो चीनी पक्ष से 20 से 30 सैनिकों के घायल होने की ख़बर है। झड़प के बाद दोनो देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच फ्लैग मीटिंग भी हुई।
- बीते शुक्रवार यानी 9 दिसंबर को अरुणाचल के तवांग में चीनी-भारतीय सेना के बीच झड़प हुई
- एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक इसमें चीन के सैनिकों को अधिक नुकसान हुआ है
- झड़प के बाद उच्च अधिकारियों के बीच फ्लैग मीटिंग हुई है
- विपक्ष ने सरकार पर इस मामले को लेकर जोरदार हमला बोल दिया है
विपक्षी तेवर सख्त
तवांग में चीनी सैनिकों के साथ झड़प की ख़बरों पर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए ढुलमुल रवैया छोड़ने को कहा है। कांग्रेस ने ट्वीट में लिखा, “अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत-चीन के सैनिकों के बीच झड़प की ख़बर है। वक्त आ गया है कि सरकार ढुलमुल रवैया छोड़कर सख्त लहजे में चीन को समझाए कि उसकी यह हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। “
वहीं, एआईएमआईएम चीफ़ और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल किया है कि सरकार ने इतने दिनों तक झड़प के बारे में सूचना क्यों छिपाए रखी?
भारत-चीन के बीच सबकुछ ठीक नहीं
15 जून 2020 को पूर्वी लद्दाख के गलवान में दोनों देशों के सैनिकों के बीच ख़ूनी संघर्ष हुआ था। उस झड़प में भारत के बीस सैनिक मारे गए। भारत ने कहा है कि गलवान में चीन के सैनिक भी भारी संख्या में मारे गए थे, हालांकि चीन अपने सैनिकों की संख्या हमेशा छिपाता रहा है।
भारत और चीन के बीच साल 2020 में काफी तनातनी का माहौल हो गया था। 1 मई 2020 को दोनों देशों के सौनिकों के बीच पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग त्सो झील के इलाके में भी झड़प हुई थी। इसमें दोनों ही तरफ़ के दर्जनों सैनिक घायल हो गए थे। गलवान को लेकर16 जून को भारतीय सेना का बयान सामने आया। बयान में कहा गया था, “झड़प वाली जगह पर ड्यूटी पर तैनात गंभीर रूप से घायल होने वाले 17 सैनिकों की मौत हो गई। इस संघर्ष में मरने वाले सैनिकों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है।”





