योगी सरकार के इस फैसले ने लगा दी बिल्डरों की मनमानी पर रोक…
किसानों को मिलेगा हक…राजस्व में होगा इज़ाफा
राजधानी लखनऊ में अब बिल्डर मनमाने दामों पर जमीन खरीद-बेच नहीं पाएंगे। योगी आदित्यनाथ सरकार ने सर्किल रेट में भारी बढ़ोतरी का फैसला लेकर इस पर सख्त लगाम लगा दी है। इस कदम से किसानों को बेहतर मुआवजा मिलेगा और सरकारी राजस्व भी बढ़ेगा।
लखनऊ में बिल्डर की मनमानी पर ब्रेक
योगी के इस एक फैसले ने कस दी नकेल
सरकार के फैसले से किसानों की होगी बल्ले-बल्ले
योगी आदित्यनाथ सरकार का बड़ा फैसला
फैसले से किसानों को फायदा होगा
लखनऊ में सर्किल रेट में बदलाव का फैसला
बिल्डरों की मनमानी पर लगाम लगाएगा यह फैसला
प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त में थमेगा कालेधन का उपयोग
कई बड़े बिल्डर कम सर्किल रेट का उठाते हैं फायदा
सस्ते दामों पर जमीन खरीदकर मनमाने दामों पर बेचते थे
अब तक कई बिल्डर कम सर्किल रेट का लाभ उठाकर किसानों से औने-पौने दाम पर ज़मीन खरीदकर उसे कई गुना मुनाफे पर बेचते रहे थे। इससे सरकार को टैक्स में नुकसान और किसानों को शोषण का शिकार होना पड़ता था।
लेकिन अब नए फैसले के तहत जिला प्रशासन ने सर्किल रेट को बाजार भाव के करीब कर दिया है। इससे भूमि अधिग्रहण में पारदर्शिता आएगी और कालेधन के इस्तेमाल पर भी रोक लगेगी।
किसान संगठनों और कांग्रेस नेताओं ने लंबे समय से इसकी मांग की थी। अब सरकार ने उनकी मांग मानकर एक बड़ा फैसला लिया है। इससे न सिर्फ किसानों को जमीन की सही कीमत मिलेगी, बल्कि सरकार को स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस से अधिक आय भी होगी।
लखनऊ के अंसल और ईमार जैसे हाईप्रोफाइल क्षेत्रों में अब जमीन की खरीद बिक्री और प्रॉपर्टी डीलिंग अधिक नियमबद्ध और पारदर्शी होगी। यह फैसला बिल्डरों की मनमानी पर लगाम लगाने और प्रॉपर्टी बाजार में संतुलन लाने की दिशा में बड़ी पहल माना जा रहा है।
लखनऊ में एमार और अंसल जैसी बड़े आवासीय प्रोजेक्ट के तहत प्रॉपर्टी की कीमतें आसमान छू रहीं हैं। कई निजी बिल्डर फ्लैट्स और मकानों की बिक्री में बड़ा मुनाफा कमा रहे हैं। हालांकि, आवासीय योजनाओं वाले इलाकों में सर्किल रेट महज 18 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर था। इसी फायदा बिल्डर उठा रहे थे। किसानों से कम कीमत पर जमीन खरीदकर बिल्डर उसे कई गुना दाम पर बेच रहे थे। इस पूरी प्रक्रिया में न केवल किसान शोषण का शिकार हो रहे थे बल्कि कालेधन का भी बेहिसा उपयोग हो रहा था।




