मध्यप्रदेश के उत्तरी अंचलों में सर्दी का कहर, पारा 4 डिग्री तक लुढ़का; घने कोहरे से रेल और हवाई यातायात प्रभावित

मध्यप्रदेश के उत्तरी अंचलों में सर्दी का कहर, पारा 4 डिग्री तक लुढ़का; घने कोहरे से रेल और हवाई यातायात प्रभावित

भोपाल।  मध्यप्रदेश के उत्तरी और पूर्वी अंचलों में सर्दी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। ग्वालियर-चंबल, रीवा, सागर के साथ जबलपुर और शहडोल संभाग के करीब 20 जिलों में शनिवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। कई इलाकों में दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जिससे रेल और हवाई यातायात प्रभावित हुआ। तापमान में तेज गिरावट के चलते प्रदेश के कुछ हिस्सों में न्यूनतम पारा 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के असर से प्रदेश में ठंड का असर और तेज हो गया है। खासकर रात और सुबह के समय ठिठुरन ज्यादा महसूस की जा रही है। कोहरे की मोटी परत के कारण सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए, वहीं कई स्थानों पर सुबह के समय दृश्यता लगभग शून्य जैसी स्थिति में पहुंच गई।

इन जिलों में सबसे ज्यादा असर

शनिवार सुबह ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिलों में घना कोहरा छाया रहा। मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं जबलपुर, दमोह, कटनी, मैहर, उमरिया और शहडोल जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग का अनुमान है कि इन क्षेत्रों में सुबह 10 बजे तक कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है।

तापमान में तेज गिरावट

प्रदेश में न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार,

 

शिवपुरी में सबसे कम 4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

इंदौर में न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री तक पहुंच गया।

भोपाल में पारा 6.4 डिग्री,

उज्जैन में 7.2 डिग्री,

जबलपुर में 8.6 डिग्री,

जबकि ग्वालियर में 11.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

तेज ठंड के कारण सुबह-शाम लोगों को घरों में अलाव और हीटर का सहारा लेना पड़ रहा है। खुले इलाकों में काम करने वाले मजदूर, किसान और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आ रहे हैं।

 

रेल यातायात पर व्यापक असर

घने कोहरे का असर रेल सेवाओं पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दिल्ली से भोपाल और इंदौर आने वाली कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं। शताब्दी एक्सप्रेस, मालवा एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस, कर्नाटक एक्सप्रेस, सचखंड एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, कोल्हापुर–मंगला लक्ष्यदीप एक्सप्रेस और पंजाब मेल जैसी प्रमुख ट्रेनें 30 मिनट से लेकर 8 घंटे तक विलंब से चल रही हैं। बीते तीन दिनों से रेल यातायात की यही स्थिति बनी हुई है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

 

उड़ानों पर भी पड़ा असर

कोहरे का असर हवाई सेवाओं पर भी देखने को मिला। इंदौर और भोपाल से दिल्ली, मुंबई, गोवा और बेंगलुरु जाने वाली कई उड़ानें देरी से संचालित हुईं। कुछ उड़ानों के समय में बदलाव किया गया, जबकि यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। एयरलाइंस कंपनियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की जानकारी जरूर लें।

 

सुबह और रात में ज्यादा असर

मौसम विभाग के अनुसार, देर रात और सुबह के समय कोहरे का प्रभाव सबसे अधिक रहता है। इस दौरान तापमान भी न्यूनतम स्तर पर पहुंच जाता है, जिससे शीतलहर का असर बढ़ जाता है। विभाग ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को ठंड से बचाने की सलाह दी गई है।

 

सावधानी और सलाह

मौसम विभाग ने कम दृश्यता के चलते लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। यदि यात्रा जरूरी हो, तो वाहन चलाते समय फॉग लैंप और लो बीम हेडलाइट का उपयोग करें और धीमी गति से ड्राइव करें। तेज ठंड में सिर, गर्दन और हाथ-पैर अच्छी तरह ढंककर रखें। सर्दी, खांसी या फ्लू के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए विटामिन-सी युक्त फल और सब्जियों का सेवन करने की भी सलाह दी गई है।

 

किसानों और पशुपालकों के लिए चेतावनी

लंबे समय तक कोहरे की स्थिति रहने से फसलों में नमी बढ़ने और रोग फैलने की आशंका जताई गई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, टमाटर, मिर्च, फूलगोभी और सरसों की फसलों पर विशेष निगरानी की आवश्यकता है। वहीं पशुपालकों को पशु शालाओं में उचित वेंटिलेशन और ठंड से बचाव के इंतजाम करने की सलाह दी गई है।

 

आगे क्या कहता है पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों तक प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में ठंड और कोहरे का असर जारी रह सकता है। इसके बाद तापमान में हल्की बढ़ोतरी के संकेत हैं, लेकिन फिलहाल लोगों को कड़ाके की ठंड से राहत मिलने की उम्मीद कम है।

 

 

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