बिहार के युवाओं के प्रेरणास्त्रोत और चर्चित शिक्षाविद् खान सर अब समाजसेवा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहे हैं। उन्होंने सावन के अंतिम सोमवार (4 अगस्त 2025) के शुभ अवसर पर घोषणा की कि वे बिहार के हर जिले में डायलिसिस सेंटर और ब्लड बैंक की स्थापना करेंगे। उनका उद्देश्य है कि कोई भी गरीब व्यक्ति पैसे के अभाव में अपनी जान न गंवाए।
खान सर ने किया बड़ा ऐलान
जापान-जर्मनी से मंगवाई मशीनें
हर जरूरतमंद को मिलेगा इलाज और रक्त
गरीबों के लिए जीवनदायिनी योजना
खान सर ने कहा, “हमारा लक्ष्य गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए मुफ्त या बहुत ही कम लागत में डायलिसिस की सुविधा देना है। डायलिसिस की प्रक्रिया बहुत महंगी होती है। एक महीने में इसका खर्च 50-60 हजार रुपये तक पहुंच जाता है, जिसे गरीब परिवार वहन नहीं कर सकते। इस कारण कई बार परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य को खोना पड़ता है।”
उन्होंने बताया कि फिलहाल 10 डायलिसिस मशीनें मंगवाई जा चुकी हैं, और जल्द ही 200 मशीनों की व्यवस्था होगी। ये मशीनें जर्मनी से मंगाई गई हैं ताकि विश्वस्तरीय गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। इस सेवा के ज़रिये गरीबों को बिना किसी बड़ी आर्थिक चिंता के जीवनरक्षक इलाज मिलेगा।
ब्लड बैंक भी होगा स्थापित, जापान से आई मशीनें
खान सर ने बताया कि स्वास्थ्य सेवा के इस मिशन में डायलिसिस के साथ-साथ ब्लड बैंक की स्थापना भी प्रमुख हिस्सा है। उन्होंने कहा, “हमने ऐसे कई मरीज देखे हैं जो सिर्फ समय पर रक्त नहीं मिलने के कारण अपनी जान गंवा बैठे। खासकर ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों को पटना, बनारस या दिल्ली जैसे शहरों में इलाज के दौरान रक्त की भारी कमी का सामना करना पड़ता है।”
खान सर ने बताया कि ब्लड बैंक की मशीनें जापान से मंगाई गई हैं, जो पूरी तरह स्वचालित होंगी और आधुनिक तकनीक पर आधारित होंगी। इस ब्लड बैंक का उद्घाटन नवरात्रि के पहले दिन किया जाएगा और इसे पूरे एशिया में मिसाल बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना से प्रेरित
खान सर ने कहा कि वे इस योजना को किसी लाभ के उद्देश्य से नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपने कर्तव्य की भावना से कर रहे हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति के ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा, “हमारा मानना है कि किसी एक व्यक्ति की जान बचाना, सिर्फ उस व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे परिवार की सुरक्षा करना है। जब कोई कमाने वाला व्यक्ति परिवार से चला जाता है तो पूरा परिवार बिखर जाता है। हम यही टूटन रोकना चाहते हैं।”