पेट्रोल-डीजल पर राहत नहीं, LPG ने बढ़ाई जेब की चिंत
कच्चा तेल नरम, लेकिन पंप पर दाम जस के तस
21 सितंबर की सुबह 6 बजे जारी पेट्रोल-डीजल के रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है। मई के बाद से घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। दिलचस्प बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है और ब्रेंट क्रूड अभी भी 100 डॉलर प्रति बैरल के पार है। सुबह करीब 6:25 बजे ब्रेंट 103.06 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था।
यानी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत घटने-बढ़ने का असर तत्काल भारतीय उपभोक्ता तक नहीं पहुंच रहा है। इसकी बड़ी वजह यह है कि पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमत सिर्फ कच्चे तेल के भाव से तय नहीं होती। इसमें केंद्र और राज्य के कर, वैट, उत्पाद शुल्क, रिफाइनिंग, परिवहन और वितरण लागत जैसे कई घटक शामिल होते हैं।
चित्तूर और पोर्ट ब्लेयर में बड़ा अंतर
देश में पेट्रोल की कीमतों में शहर-दर-शहर बड़ा अंतर दिखाई देता है। आंध्र प्रदेश के चित्तूर में पेट्रोल 118.34 रुपये और डीजल 106.06 रुपये प्रति लीटर बताया गया है। इसके मुकाबले दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये है।
यानी चित्तूर में दिल्ली की तुलना में पेट्रोल करीब 16.22 रुपये और डीजल 10.86 रुपये प्रति लीटर महंगा है। दूसरी ओर पोर्ट ब्लेयर में पेट्रोल दिल्ली से करीब 13.46 रुपये और डीजल 10.64 रुपये सस्ता बताया गया है।
यह अंतर साफ करता है कि पेट्रोल-डीजल की कीमत में स्थानीय कर और परिवहन लागत की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।
LPG में भी शहरों के बीच बड़ा अंतर
घरेलू रसोई गैस की तस्वीर भी उपभोक्ताओं के लिए राहत देने वाली नहीं है। दिल्ली में 14.2 किलो का घरेलू सिलेंडर 942 रुपये और 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर 2747.50 रुपये है।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में घरेलू सिलेंडर 970 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2755.50 रुपये है। यानी दिल्ली की तुलना में भोपाल में घरेलू सिलेंडर 28 रुपये महंगा है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में घरेलू सिलेंडर 979.50 रुपये, जबकि बिहार की राजधानी पटना में यही कीमत 1031.50 रुपये है। पटना में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3029 रुपये बताई गई है।
छत्तीसगढ़ और झारखंड समेत दूसरे राज्यों में भी स्थानीय कर और लॉजिस्टिक लागत के कारण कीमतों में अंतर देखने को मिलता है।
लेह में सबसे महंगी LPG का असर
LPG के दामों में सबसे बड़ा अंतर लेह में दिखाई देता है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक वहां घरेलू सिलेंडर दिल्ली की तुलना में करीब 237 रुपये महंगा है। कमर्शियल सिलेंडर में यह अंतर करीब 638 रुपये तक पहुंच जाता है।
इसका एक बड़ा कारण पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में परिवहन तथा आपूर्ति की अतिरिक्त लागत हो सकता है।
असली तस्वीर क्या है?
21 सितंबर की कीमतों से तीन बातें साफ होती हैं। पहली, पेट्रोल-डीजल के दाम फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। दूसरी, कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर से ऊपर होने के कारण आगे भी अंतरराष्ट्रीय बाजार पर नजर रहेगी। तीसरी, LPG में शहर और राज्य के हिसाब से बड़ा मूल्य अंतर उपभोक्ताओं की रसोई का बजट प्रभावित कर रहा है।
यानी कच्चे तेल की कीमत में नरमी की उम्मीद के बावजूद आम उपभोक्ता को फिलहाल पेट्रोल-डीजल में तत्काल राहत नहीं मिली है। वहीं LPG के मामले में स्थानीय कर, परिवहन और आपूर्ति लागत कीमतों में बड़ा फर्क पैदा कर रहे हैं।
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