लोकसभा में गुरुवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की संसद सदस्यता समाप्त करने की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पेश किया। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते और केंद्रीय बजट को लेकर केंद्र सरकार पर कड़े सवाल उठाए थे। निशिकांत दुबे ने कहा कि राहुल गांधी संसद और देश की जनता को गुमराह कर रहे हैं। उनके मुताबिक, प्रस्ताव का मकसद इस मुद्दे पर चर्चा कराना है और राहुल गांधी की सदस्यता खत्म करने के साथ-साथ उन्हें जीवनभर चुनाव लड़ने से रोका जाना चाहिए। हालांकि, दुबे ने यह भी साफ किया कि यह कोई विशेषाधिकार प्रस्ताव नहीं है, बल्कि एक स्वतंत्र प्रस्ताव है, जिसमें निलंबन की मांग की गई है। वहीं, सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सरकार राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाने के मूड में नहीं है। जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी के हालिया भाषण के कुछ हिस्सों को लोकसभा की कार्यवाही से हटाया जा सकता है। आरोप है कि भाषण में लगाए गए दावों को प्रमाणित नहीं किया गया था। इस पूरे मामले ने संसद के भीतर और बाहर सियासी बहस को और तेज कर दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि लोकसभा अध्यक्ष इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाते हैं और आगे क्या कार्रवाई होती है।