Nimisha Priya: यमन में भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की फांसी टली, भारत सरकार के प्रयासों से मिली राहत

Nimisha Priya: यमन में भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की फांसी टली, भारत सरकार के प्रयासों से मिली राहत

भारतीय नर्स निमिषा प्रिया, जिन्हें यमन में 16 जुलाई 2025 को फांसी दी जानी थी, अब इस सजा से अस्थायी राहत मिल गई है। भारत सरकार और सामाजिक धार्मिक नेताओं की पहल के बाद यमन के स्थानीय प्रशासन ने उनकी फांसी स्थगित कर दी है। निमिषा प्रिया पर अपने यमनी बिजनेस पार्टनर तलाल अब्दो महदी की हत्या का आरोप है, जिसके चलते उन्हें 2020 में मौत की सजा सुनाई गई थी। अब बातचीत की प्रक्रिया के चलते यह सजा फिलहाल टाल दी गई है।

भारत सरकार की सुप्रीम कोर्ट में दलील – “बातचीत जारी है”
निमिषा प्रिया की फांसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हुई। भारत सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल (AGI) ने कहा कि भारत सरकार यमन के अधिकारियों से लगातार संपर्क में है और मामले में राजनयिक प्रयास हो रहे हैं। जब तक बातचीत जारी है, तब तक फांसी की कार्रवाई स्थगित करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। सरकार ने अदालत को आश्वस्त किया कि प्रिया की मदद के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

धार्मिक हस्तक्षेप: मुसलियार और सूफी विद्वानों की भूमिका अहम
केरल के प्रभावशाली सुन्नी मुस्लिम नेता कंथापुरम ए पी अबूबकर मुसलियार ने यमन सरकार और मृतक के परिवार के साथ बातचीत शुरू कराई। यमन के सूफी विद्वान शेख हबीब उमर बिन हफीज के प्रतिनिधियों ने भी मध्यस्थता की भूमिका निभाई। इसी पहल के तहत मृतक के परिवार से संपर्क किया गया और यह प्रयास किया गया कि जब तक आपसी सहमति न बन जाए, फांसी को रोका जाए।

2017 से जेल में बंद हैं निमिषा, अपील 2023 में खारिज
निमिषा प्रिया पर आरोप है कि उन्होंने 2017 में अपने पार्टनर की हत्या की थी। इसके लिए उन्हें 2020 में मौत की सजा सुनाई गई और 2023 में उनकी अंतिम अपील भी खारिज कर दी गई थी। 16 जुलाई 2025 को उन्हें फांसी दी जानी थी। वर्तमान में वे यमन की राजधानी सना की जेल में बंद हैं और भारत सरकार के प्रयासों से अब उन्हें कुछ राहत मिली है।

 

 

 

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