संसद के नए भवन में नए सत्र को लेकर खुशी से उछल रहा है विपक्ष, ये रहा पूरा मामला

संसद भवन का राष्ट्रपति से उद्घाटन कराने पर अड़ी कांग्रेस

नए संसद भवन का उद्घाटन 28 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इस पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को घोर आपत्ति है। वो राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू से उद्घाटन कराने पर अड़े हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ नए संसद भवन में जुलाई से शुरु होने वाले संभावित सत्र को लेकिर भाजपा के विरोधी दल काफी उत्साहित दिखाई दे रहे हैं।भारतीय संसदीय इतिहास में पहला मौका होगा जब संसदीय कार्यवाही संसद के नव निर्मित इमारत में आयोजित की जाएगी।

आत्मविश्वास से लबरेज कांग्रेस

कर्नाटक में भारी जीत के बाद आत्मविश्वास से लबरेज कांग्रेस पार्टी का संसदीय नेतृत्व केंद्र सरकार को कई तीखे सवालों से घेरने का जतन करेगा। बजटीय सत्र राहुल गांधी से माफी की मांग करते हुए खुद ट्रेजरी बेंच ने ही हंगामा काट कर सदन नहीं चलने दिया था। आगामी संसदीय सत्र में आम आदमी पार्टी के सांसद आक्रामक भूमिका मे रहेंगे। उनका साथ देते नजर आएंगे कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को जिस तरह से आर्डिनेंस के जरिये पलट कर केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार को ट्रांसफर,पोस्टिंग से अलग कर दिया उसे दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने विपक्षी दलों को एकजुट करने का सियासी औजार बना दिया है। खुद उस औजार को धार देने विभिन्न राजनीतिक दल के नेताओं से मिल रहे हैं। राज्यसभा में आर्डिनेंस पास न हो इसकी कोशिश की जा रही है। विपक्षी गोलबंदी में अब तक अलग थलग रहे केजरीवाल के समर्थन में अधिकांश विपक्षी दल गोलबंद भी हो रहे हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने दो बार मुलाकात कर ली। राकांपा सुप्रीमो शरद पवार, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से उनकी मुलाकात हो गई। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात करने वे कोलकाता चले गये।

केंद्र के खिलाफ ममता के सख्त तेवर

ममता बनर्जी ने पहले से केंद्र सरकार के खिलाफ तेवर सख्त किये हुए हैं। केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि जिस तरह से केंद्र सरकार लोकतंत्र में चुनी हुई सरकार का गला घोटने का प्रयास कर रही है वो ठीक नहीं। विपक्षी दलों की राज्य सरकारों के साथ बंधुआ मजदूर जैसा बर्ताव हो रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार को बुलडोजर सरकार करार दिया। सदन में दिल्ली के आर्डिनेंस के खिलाफ आम आदमी पार्टी को मदद देने का आश्वासन दिया। अरविंद केजरीवाल ने आर्डिनेंस मामले में विपक्षी एका की दुहाई देते हुए कहा कि अगर राज्यसभा में आर्डिनेंस विपक्षी विरोध के कारण पास नहीं होता है तो ये 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने की धुरि साबित होगी। लोकसभा में सत्ता पक्ष बहुमत में है। राजग को विश्वास है कि वे आर्डिनेंस पास करा लेंगे। समूचा विपक्ष एक हो गया तो राज्यसभा से आर्डिनेंस पास कराना आसान नही होगा।

जब राज्यपाल ही सर्वे सर्वा हैं तो चुनाव बंद करें

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन उन्हें बता रहे थे कि राज्यपाल कई विधेयकों की फाइलों पर बैठे हैं। निर्णय नहीं कर रहे। भगवंत मान ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री अन्य 30 राज्यपालों की मदद से ही देश को चलाना चाहते हैं तो संविधान संशोधन कर वैसी व्यवस्था लागू कर दें। चुनाव में संसाधनों का खर्चा भी बचेगा। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने आठ साल की सुनवाई के बाद ये तय कर दिया था कि दिल्ली में उपराज्यपाल की व्यवस्था होने की वजह से उपराज्यपाल के पास केवल पुलिस और भूमि का मामला रहेगा बाकी सभी मामले में दिल्ली की चुनी हुई सरकार का निर्णय होगा, अंतिम मुहर कैबिनेट की संस्तुति के साथ उपराज्यपाल ही लगायेंगे। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय को केंद्र सराकर ने आर्डिनेंस के माध्यम से पलट दिया है। दिल्ली सरकार फिर से सुप्रीम कोर्ट जाएगी, अभी गर्मियों की छुट्टी शुरू हो गई है।

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