Interactive session in Jaipur: जयपुर में मध्यप्रदेश के लिए निवेश की नई पिच…उद्योगपतियों से सीधा संवाद करेंगे सीएम डॉ.मोहन यादव

CM Mohan Yadav in Jaipur

जयपुर में निवेश की नई पिच, उद्योगपतियों से सीधा संवाद करेंगे CM मोहन यादव

मध्यप्रदेश को देश के सबसे भरोसेमंद और तेजी से उभरते निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में सरकार ने अब आक्रामक रणनीति अपनाई है। इसी कड़ी में राज्य के मुख्यमंत्री Mohan Yadav 21 मार्च 2026 को Jaipur में उद्योगपतियों के साथ एक बड़े इंटरएक्टिव सेशन में संवाद करेंगे। यह कार्यक्रम ITC Rajputana में,“इंटरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्यूनिटीज इन मध्यप्रदेश” निवेशकों को MP की औद्योगिक संभावनाओं से रूबरू कराया जाएगा।

  1. जयपुर में निवेश पर बड़ा संवाद
  2. उद्योगपतियों से सीधा संवाद करेंगे यादव
  3. एमपी बनेगा निवेश का नया हब
  4. टेक्सटाइल-ईवी सेक्टर पर खास फोकस
  5. निवेश आकर्षण के लिए आक्रामक रणनीति

ईवी सेक्टर्स की भागीदारी से निवेश को बढ़ावा

इस कार्यक्रम में टेक्सटाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), ऑटोमोबाइल, फूड प्रोसेसिंग, पर्यटन, डेयरी, नवीकरणीय ऊर्जा और माइनिंग जैसे प्रमुख सेक्टर्स से जुड़े उद्योगपति शामिल होंगे। मुख्यमंत्री न केवल सामूहिक संवाद करेंगे, बल्कि चुनिंदा निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठकें भी करेंगे, जिससे परियोजना स्तर पर निवेश की संभावनाओं को अंतिम रूप दिया जा सके। दरअसल, मध्यप्रदेश सरकार बीते कुछ समय से देश के अलग-अलग हिस्सों में रोड-शो और निवेशक संवाद के जरिए अपनी औद्योगिक छवि को मजबूत करने में जुटी है। हाल ही में Bhilwara में टेक्सटाइल सेक्टर पर केंद्रित संवाद के बाद जयपुर में यह दूसरा बड़ा आयोजन है, जो निवेश आकर्षण की इस श्रृंखला को आगे बढ़ाता है।

मोदी नेतृत्व में निवेश को नई दिशा-CM

प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारत जहां वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है, वहीं मध्यप्रदेश भी इस अवसर को भुनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने औद्योगिक विस्तार, क्षेत्रीय संतुलन और निवेश को धरातल पर उतारने के लिए स्पष्ट और परिणामोन्मुख रणनीति अपनाई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि मध्यप्रदेश अब केवल संभावनाओं का राज्य नहीं, बल्कि निवेश को तेजी से क्रियान्वित करने वाला एक सक्षम और विश्वसनीय गंतव्य बन चुका है। उनके अनुसार निवेश सिर्फ पूंजी नहीं लाता, बल्कि रोजगार सृजन, कौशल विकास और तकनीकी उन्नयन का माध्यम भी बनता है। यही कारण है कि सरकार निवेशकों के लिए नीतिगत स्पष्टता, त्वरित स्वीकृति और बेहतर अधोसंरचना उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।

नई नीतियां और लॉजिस्टिक्स पर फोकस

जयपुर में होने वाले इस सेशन में राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीतियों, प्रोत्साहन योजनाओं और लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग निवेशकों को एक्सप्रेस-वे, औद्योगिक कॉरिडोर, भूमि उपलब्धता और सिंगल-विंडो सिस्टम की जानकारी देगा, जिससे निवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जा सके। मध्यप्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में निरंतरता भी साफ दिखाई देती है। बीते वर्ष को ‘औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन वर्ष’ के रूप में मनाया गया, जबकि वर्ष 2026 को ‘कृषि वर्ष’ घोषित कर एग्री-बिजनेस, फूड प्रोसेसिंग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को औद्योगिक विकास से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। यह संतुलित दृष्टिकोण राज्य को समावेशी और व्यापक विकास की ओर ले जा रहा है।

औद्योगिक क्लस्टर्स से बढ़ता निवेश आकर्षण

राज्य में तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्लस्टर्स और विशेष परियोजनाएं निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रही हैं। Ujjain में मेडिकल डिवाइस पार्क, Narmadapuram में रिन्यूएबल एनर्जी उपकरणों के लिए मैन्युफैक्चरिंग जोन, Gwalior में फुटवियर पार्क, Jabalpur में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब और Dhar में पीएम मित्रा पार्क जैसी परियोजनाएं राज्य की औद्योगिक क्षमता को दर्शाती हैं। इसके साथ ही Bhopal में स्थापित ग्लोबल स्किल्स पार्क और Indore, भोपाल, उज्जैन और Rewa में विकसित हो रहे आईटी पार्क राज्य के कौशल और नवाचार इकोसिस्टम को मजबूत कर रहे हैं। सरकार ने निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए अल्प समय में 18 नई औद्योगिक नीतियां लागू की हैं और ‘जन विश्वास अधिनियम’ के जरिए प्रक्रियाओं को पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल बनाया है। यह सुधार निवेशकों के भरोसे को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री की “रीजनल बैलेंस अप्रोच” के तहत औद्योगिक विकास को प्रदेश के सभी क्षेत्रों में संतुलित रूप से फैलाने की कोशिश की जा रही है, ताकि विकास केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि छोटे और मध्यम शहरों तक भी पहुंचे।

जयपुर से निवेश को मिलेगा नया आयाम

जयपुर का यह इंटरएक्टिव सेशन इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों के निवेशकों को मध्यप्रदेश की ओर आकर्षित करना है। सरकार का मानना है कि इस तरह के सीधे संवाद से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और निवेश प्रस्ताव तेजी से जमीन पर उतरेंगे। कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश अब निवेश के लिए केवल संभावनाओं की बात नहीं कर रहा, बल्कि ठोस नीतियों, मजबूत अधोसंरचना और सक्रिय संवाद के जरिए खुद को एक भरोसेमंद और प्रतिस्पर्धी औद्योगिक गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा रहा है।

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