उत्तर प्रदेश में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा: सीएम योगी ने दिए राज्य सहकारी महाविद्यालय की स्थापना के निर्देश

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प्रदेश में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा: सीएम योगी ने दिए राज्य सहकारी महाविद्यालय की स्थापना के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में केन्द्रीय सहकारिता राज्य मंत्री श्री मुरलीधर मोहोल विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में सहकारिता विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

राज्य सहकारी महाविद्यालय की स्थापना होगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहकारिता क्षेत्र में शिक्षा और अनुसंधान को नई गति देने के लिए राज्य सहकारी महाविद्यालय की स्थापना का निर्देश दिया। उनका कहना था कि सहकारिता के क्षेत्र में अध्ययन, अध्यापन और शोध को बढ़ावा देने से किसानों, श्रमिकों और ग्रामीण समाज को लाभ मिलेगा। यह संस्थान न केवल सहकारिता क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करेगा, बल्कि राज्य में सहकारिता की परम्परा को आधुनिक रूप भी देगा।

सहकार से समृद्धि” मंत्र पर विशेष जोर

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” मंत्र को आत्मसात करने की अपील की। उन्होंने कहा कि 12 सितम्बर से 12 अक्टूबर 2025 तक चलने वाले सदस्यता महाअभियान का उद्देश्य हर किसान और हर ग्रामीण परिवार को सहकारिता से जोड़ना है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाया जाए और अधिक से अधिक लोगों को इसमें शामिल किया जाए। इसके लिए ऑनलाइन/ऑफलाइन पंजीकरण, विशेष कैम्प और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

पहली सदस्यता महाअभियान की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023 में आयोजित प्रथम सदस्यता महाअभियान की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उस अभियान में 30 लाख से अधिक नए सदस्य जुड़े थे, जिनमें –

17.33 लाख किसान

3.92 लाख अकुशल श्रमिक

1.56 लाख कुशल श्रमिक

2.20 लाख पशुपालक

6,411 मत्स्यपालक

इससे सहकारिता क्षेत्र को ₹70 करोड़ का अंशदान प्राप्त हुआ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सफलता को देखते हुए द्वितीय अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा।

किसानों और जमाकर्ताओं का विश्वास ही असली पूंजी

सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि सहकारिता क्षेत्र की मजबूती किसानों और जमाकर्ताओं के विश्वास पर टिकी है। इसे हर हाल में सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सहकारिता भारतीय ग्रामीण समाज की प्राचीन परम्परा रही है और समाज को एकजुट रखने में इसकी बड़ी भूमिका है।

केन्द्रीय राज्यमंत्री मोहोल का सहयोग का आश्वासन

बैठक में उपस्थित केन्द्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहकारिता क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साकार करने में यूपी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

मोहोल ने राज्य सहकारी महाविद्यालय की स्थापना के निर्णय का स्वागत करते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश की उपलब्धियां अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय हैं।

सहकारी बैंकों का पुनर्जीवन

बैठक में सहकारी बैंकिंग सुधारों की भी समीक्षा हुई। अवगत कराया गया कि वर्ष 2017-18 से 2024-25 तक यूपी सरकार ने 16 बंद जिला सहकारी बैंकों को ₹306.92 करोड़ की सहायता देकर पुनर्जीवित किया।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि:

इन बैंकों का एनपीए वर्ष 2017 में ₹800 करोड़ था, जो घटकर मार्च 2025 तक ₹278 करोड़ रह गया।

मार्च 2025 तक सहकारी बैंकों का ऋण व्यवसाय ₹1,000 करोड़ तक पहुंच गया।

सभी सहकारी बैंक अब लाभ में आ गए हैं।

यह उपलब्धि सहकारिता क्षेत्र में विश्वास बहाली का प्रतीक है।अ

शाह के मार्गदर्शन में नए इतिहास की ओर

सीएम योगी ने कहा कि केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सहकारिता क्षेत्र में नए इतिहास रच रहा है। सहकारिता आंदोलन को सशक्त करने की दिशा में जो कार्य हो रहे हैं, वे ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेंगे

बैठक से यह स्पष्ट हुआ कि उत्तर प्रदेश सरकार सहकारिता क्षेत्र को केवल संगठनात्मक रूप से नहीं, बल्कि शिक्षा, शोध, बैंकिंग सुधार और सदस्यता विस्तार के जरिए एक नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सहकारी महाविद्यालय की स्थापना, सहकारी बैंकों का पुनर्जीवन और द्वितीय सदस्यता महाअभियान जैसे कदम यह साबित करते हैं कि उत्तर प्रदेश सहकारिता आंदोलन में देश का नेतृत्व करने की ओर अग्रसर है।

 

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