NEET UG री-एग्जाम 21 जून को: NEET (UG) 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। यह परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में 22.79 लाख से ज़्यादा उम्मीदवारों के लिए आयोजित की जाएगी। परीक्षा से पहले, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने रिपोर्टिंग का समय, एंट्री के नियम, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, साथ ले जाने की इजाज़त वाली चीज़ें और अन्य ज़रूरी निर्देशों के बारे में एक डिटेल्ड एडवाइज़री जारी की है। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा वाले दिन किसी भी परेशानी से बचने के लिए परीक्षा केंद्रों पर समय से पहले पहुँचें, ज़रूरी दस्तावेज़ साथ रखें और सिर्फ़ ऑफिशियल जानकारी पर ही भरोसा करें।
दिव्यांग (PwD/PwBD) उम्मीदवार, जो एक्स्ट्रा समय (कम्पेंसेटरी टाइम) पाने के हकदार हैं, उन्हें शाम 6:20 बजे तक परीक्षा जारी रखने की इजाज़त होगी।
बायोमैट्रिक वेरीफीकेशन पूरा न होने पर क्या करना होगा
NEET UG री-एग्जाम 2026: अगर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन पूरा न हो पाए तो क्या होगा?
NTA की एडवाइज़री के अनुसार, जिन उम्मीदवारों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन बायोमेट्रिक डिवाइस में तकनीकी खराबी, खराब फिंगरप्रिंट क्वालिटी, UIDAI कनेक्टिविटी की समस्या या किसी शारीरिक अक्षमता के कारण पूरा नहीं हो पाता है, उन्हें परीक्षा हॉल में एंट्री से नहीं रोका जाएगा।
ऐसे उम्मीदवारों को एक लिखित अंडरटेकिंग (घोषणा-पत्र) पर साइन करना होगा, जिसका फॉर्मेट परीक्षा केंद्र पर सेंटर सुपरिटेंडेंट या ऑब्ज़र्वर के पास उपलब्ध होगा। इसके बाद उन्हें बिना किसी रुकावट के परीक्षा देने की इजाज़त दी जाएगी। वैलिड पहचान दस्तावेज़ों का इस्तेमाल करके मैन्युअल रूप से पहचान की पुष्टि की जाएगी।
उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे एग्ज़ाम वाले दिन किसी भी परेशानी से बचने के लिए अपने एग्ज़ाम सेंटर पर समय से पहले पहुँचें, ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स साथ रखें और सिर्फ़ ऑफ़िशियल जानकारी पर ही भरोसा करें