देश में भीषण गर्मी का कहर: 10 राज्यों के 36 शहरों में पारा 43°C पार, राहत के आसार दूर
देशभर में गर्मी ने अपने तेवर और तेज कर दिए हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश के 10 राज्यों के 36 शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। स्थिति यह है कि देश का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा इस समय हीटवेव की चपेट में है और आने वाले चार दिनों तक राहत के कोई खास संकेत नहीं दिख रहे हैं।
हीटवेव की चपेट में तीन-चौथाई भारत
कई शहरों में 45 डिग्री के करीब पहुंचा तापमान
अगले चार दिन नहीं मिलेगी गर्मी से राहत
पूर्व और पूर्वोत्तर में मौसम बदलने के संकेत
मई में अल-नीनो के असर की आशंका
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। कई शहरों में पारा 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है। प्रयागराज में तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन के सबसे अधिक तापमानों में से एक है। इसके अलावा महाराष्ट्र के अकोला में 45 डिग्री और ओडिशा के झारसुगुड़ा में 44.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण लू चल रही है। राजधानी दिल्ली के कुछ इलाकों में इस सीजन की पहली लू दर्ज की गई है और मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि रविवार तक यह स्थिति बनी रह सकती है। राजस्थान और उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों तक तापमान 43 से 45.5 डिग्री के बीच रहने की संभावना जताई गई है।
गर्मी की इस लहर का असर सिर्फ दिन में ही नहीं, बल्कि रात में भी महसूस किया जा रहा है। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ज्यादा बना हुआ है, जिससे लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल रही। बढ़ती गर्मी का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है—सड़कें दोपहर में सूनी हो रही हैं, लोग घरों में रहने को मजबूर हैं और बिजली-पानी की मांग में भारी इजाफा हुआ है।
हालांकि, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 25 और 26 अप्रैल को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं 26 से 28 अप्रैल के बीच गंगा के मैदानी क्षेत्रों—पश्चिम बंगाल और झारखंड में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। 26 और 27 अप्रैल को बिहार में भी तेज आंधी और हल्की बारिश हो सकती है, जबकि झारखंड के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है।
इसके बावजूद देश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी से राहत की उम्मीद कम ही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अगले तीन से चार दिनों तक हीटवेव का प्रभाव जारी रहेगा। इस दौरान तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री अधिक रह सकता है, जिससे लू का असर और बढ़ेगा।
इस बीच, वैश्विक मौसम पैटर्न को लेकर भी चिंताएं बढ़ रही हैं। विश्व मौसम संगठन के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, मई महीने में अल-नीनो की स्थिति विकसित हो सकती है। इसका असर मानसून पर पड़ सकता है और देश में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका जताई जा रही है। इससे गर्मी का प्रकोप और लंबा खिंच सकता है।
विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी जा रही है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान रखने को कहा गया है, क्योंकि वे लू के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
देश में इस समय गर्मी अपने चरम पर है और आने वाले दिनों में इसके और तेज होने के संकेत हैं। जहां एक ओर पूर्वी क्षेत्रों में हल्की राहत मिल सकती है, वहीं बाकी हिस्सों में लोगों को अभी भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही इस मौसम से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।
देश में भीषण गर्मी का कहर: 10 राज्यों के 36 शहरों में पारा 43°C पार, राहत के आसार दूर
देशभर में गर्मी ने अपने तेवर और तेज कर दिए हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश के 10 राज्यों के 36 शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। स्थिति यह है कि देश का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा इस समय हीटवेव की चपेट में है और आने वाले चार दिनों तक राहत के कोई खास संकेत नहीं दिख रहे हैं।
हीटवेव की चपेट में तीन-चौथाई भारत
कई शहरों में 45 डिग्री के करीब पहुंचा तापमान
अगले चार दिन नहीं मिलेगी गर्मी से राहत
पूर्व और पूर्वोत्तर में मौसम बदलने के संकेत
मई में अल-नीनो के असर की आशंका
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। कई शहरों में पारा 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है। प्रयागराज में तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन के सबसे अधिक तापमानों में से एक है। इसके अलावा महाराष्ट्र के अकोला में 45 डिग्री और ओडिशा के झारसुगुड़ा में 44.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण लू चल रही है। राजधानी दिल्ली के कुछ इलाकों में इस सीजन की पहली लू दर्ज की गई है और मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि रविवार तक यह स्थिति बनी रह सकती है। राजस्थान और उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों तक तापमान 43 से 45.5 डिग्री के बीच रहने की संभावना जताई गई है।
गर्मी की इस लहर का असर सिर्फ दिन में ही नहीं, बल्कि रात में भी महसूस किया जा रहा है। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ज्यादा बना हुआ है, जिससे लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल रही। बढ़ती गर्मी का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है—सड़कें दोपहर में सूनी हो रही हैं, लोग घरों में रहने को मजबूर हैं और बिजली-पानी की मांग में भारी इजाफा हुआ है।
हालांकि, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 25 और 26 अप्रैल को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं 26 से 28 अप्रैल के बीच गंगा के मैदानी क्षेत्रों—पश्चिम बंगाल और झारखंड में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। 26 और 27 अप्रैल को बिहार में भी तेज आंधी और हल्की बारिश हो सकती है, जबकि झारखंड के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है।
इसके बावजूद देश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी से राहत की उम्मीद कम ही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अगले तीन से चार दिनों तक हीटवेव का प्रभाव जारी रहेगा। इस दौरान तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री अधिक रह सकता है, जिससे लू का असर और बढ़ेगा।
इस बीच, वैश्विक मौसम पैटर्न को लेकर भी चिंताएं बढ़ रही हैं। विश्व मौसम संगठन के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, मई महीने में अल-नीनो की स्थिति विकसित हो सकती है। इसका असर मानसून पर पड़ सकता है और देश में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका जताई जा रही है। इससे गर्मी का प्रकोप और लंबा खिंच सकता है।
विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी जा रही है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान रखने को कहा गया है, क्योंकि वे लू के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
देश में इस समय गर्मी अपने चरम पर है और आने वाले दिनों में इसके और तेज होने के संकेत हैं। जहां एक ओर पूर्वी क्षेत्रों में हल्की राहत मिल सकती है, वहीं बाकी हिस्सों में लोगों को अभी भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही इस मौसम से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।