LIVE: NDA संसदीय दल की बैठक….पीएम मोदी को किया सम्मानित…ऑपरेशन सिंदूर और महादेव की सफलता पर प्रस्ताव पारित

NDA Parliamentary Party meeting

एनडीए सांसदों ने ‘हर हर महादेव’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से किया प्रधानमंत्री का स्वागत, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने माला पहनाकर किया सम्मानित। उपराष्ट्रपति चुनाव और तिरंगा यात्रा पर रणनीति बनी।

बीजेपी नीत एनडीए संसदीय दल NDA Parliamentary Party Meeting की बैठक आज संसद भवन में हुई। इस बैठक का आयोजन संसद भवन के ऑडिटोरियम में किया गया। इस दौरान जब पीएम नरेन्द्र मोदी इस बैठक में शामिल होने पहुंचे तो एनडीए सांसदों की ओर से ‘हर हर महादेव’ और ‘भारत माता की जय’ का उद्घोष करते हुए उनका स्वागत किया गया। इतना ही नहीं ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए प्रधानमंत्री मोदी को एनडीए सांसदों की ओर से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पीएम मोदी को माला पहनाकर स्वागत किया। वहीं एनडीए संसदीय दल की इस अहम बैठक में ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव की सफलता को लेकर भी प्रस्ताव पारित किया गया। इस दौरान एनडीए की सभी महिला सांसद कार्यक्रम में अग्रिम पंक्ति में बैठीं नजर आईं।

बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मंगलवार को संसद भवन में आयोजित एनडीए संसदीय दल की बैठक में विशेष रूप से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें हाल ही में सफल रहे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘ऑपरेशन महादेव’ की उपलब्धियों के लिए प्रदान किया गया। बैठक की शुरुआत ही राष्ट्रवादी नारों और उत्साह से भरपूर माहौल के साथ हुई। जहां एनडीए के सांसदों ने ‘हर हर महादेव’ और ‘भारत माता की जय’ के जोरदार उद्घोष के साथ पीएम मोदी का स्वागत किया। बैठक संसद भवन के ऑडिटोरियम में आयोजित की गई, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी के साथ ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, और एनडीए के सभी घटक दलों के प्रमुख नेता एवं सांसद उपस्थित रहे। राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री को माला पहनाकर उनका सम्मान किया। यह दृश्य न सिर्फ राजनीतिक बल्कि भावनात्मक रूप से भी शक्तिशाली था। जिसमें एनडीए के सांसदों ने सरकार की सुरक्षा नीति और अंतरराष्ट्रीय रणनीति की सराहना की।

ऑपरेशन सिंदूर और महादेव की सराहना में प्रस्ताव पारित

बैठक में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘ऑपरेशन महादेव’ की सफलता पर एनडीए की ओर से एक आधिकारिक प्रस्ताव भी पारित किया गया। ये ऑपरेशन भारत की सामरिक सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी प्रयासों के प्रतीक बन चुके हैं। प्रधानमंत्री ने स्वयं इन अभियानों की निगरानी की थी, जिससे उनकी रणनीतिक सूझबूझ और दृढ़ नेतृत्व का एक और उदाहरण सामने आया।

प्रस्ताव में विशेष रूप से इन अभियानों की सफलता के लिए प्रधानमंत्री की सक्रिय भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा गया कि भारत की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए पीएम मोदी के नेतृत्व में उठाए गए कदम ऐतिहासिक हैं। सांसदों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच खड़े होकर इस प्रस्ताव को पारित किया।

महिला सांसदों की अग्रिम पंक्ति में मौजूदगी

इस बार की बैठक में एक विशेष बात यह रही कि एनडीए की महिला सांसदों को अग्रिम पंक्ति में बैठाया गया। यह भाजपा और एनडीए की महिला सशक्तिकरण की प्रतिबद्धता का संकेत माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री अपने संबोधन में भी महिला सशक्तिकरण को लेकर सरकार की आगामी योजनाओं पर प्रकाश डाल सकते हैं।

उपराष्ट्रपति चुनाव पर बना रणनीति का खाका

बैठक का एक अन्य अहम बिंदु आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव रहा। नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 7 अगस्त से शुरू होनी है और अंतिम तिथि 21 अगस्त है। एनडीए संसदीय दल इसको लेकर अपने उम्मीदवार की घोषणा जल्द कर सकता है। भाजपा नेतृत्व चाहता है कि यह नामांकन संसद सत्र की समाप्ति से पहले हो जाए, जिससे सत्तारूढ़ गठबंधन की एकता और शक्ति का प्रदर्शन हो सके। सूत्रों के अनुसार, एनडीए की ओर से एक सर्वमान्य उम्मीदवार लाने की योजना बनाई गई है, ताकि विपक्ष को चौंकाया जा सके। चुनाव की प्रक्रिया में लोकसभा और राज्यसभा के कुल 782 सांसद वोट डालेंगे। यदि विपक्ष उम्मीदवार खड़ा करता है, तो चुनाव 9 सितंबर को होना तय है।

विपक्ष पर भी साधा जा सकता है निशाना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संबोधन के दौरान विपक्ष द्वारा संसद में हो रहे लगातार गतिरोध और विरोध प्रदर्शन पर भी टिप्पणी कर सकते हैं। खासकर बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) के दौरान मतदाता सूची से 65 लाख से अधिक नाम हटाए जाने को लेकर महागठबंधन द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर केंद्र सरकार अपना रुख स्पष्ट कर सकती है।
एनडीए सांसदों को यह निर्देश भी दिया गया है कि वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जाकर मतदाता सूची से जुड़े भ्रम को दूर करें और चुनाव आयोग के निर्णय का समर्थन करें। प्रधानमंत्री संभवतः इसे “वोटर अधिकारों की रक्षा बनाम विपक्ष की अफवाहें” के रूप में पेश कर सकते हैं।

तिरंगा यात्रा और स्वतंत्रता दिवस से पहले तैयारी

बैठक में यह भी चर्चा हुई कि 15 अगस्त से पहले पूरे देश में तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। जिसके लिए एनडीए सांसदों और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी। यह यात्रा 12 अगस्त से शुरू होकर 15 अगस्त तक चलेगी और इसका उद्देश्य राष्ट्रप्रेम को जन-जन तक पहुंचाना है।प्रधानमंत्री मोदी ने पहले भी अपने कार्यक्रमों में “हर घर तिरंगा” अभियान की सफलता की सराहना की है और इस बार इसे और व्यापक रूप में लागू करने की योजना है। बैठक में तिरंगा यात्रा के आयोजन और सामाजिक समरसता बढ़ाने के लिए विशेष अभियानों पर चर्चा की गई।

एनडीए की यह बैठक केवल एक नियमित राजनीतिक बैठक नहीं थी, बल्कि इसमें आगामी चुनावी तैयारियों, राष्ट्रीय सुरक्षा, विपक्ष के आरोपों और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान के साथ इस बैठक ने आगामी रणनीतियों का संकेत दे दिया है। एनडीए अब आगामी राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति चुनाव और आगामी राज्य विधानसभा चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि विपक्ष इन कदमों का क्या जवाब देता है और क्या एनडीए के अंदरूनी समीकरणों पर भी कोई असर पड़ता है। फिलहाल, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने फिर से अपनी शक्ति और संगठनात्मक मजबूती का प्रदर्शन कर दिया है।

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