NDA या INDIA? उपराष्ट्रपति चुनाव में किसका साथ देंगे ओवैसी, AIMIM प्रमुख ने किया बड़ा ऐलान
AIMIM ने इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार को दिया समर्थन
उपराष्ट्रपति चुनाव की सरगर्मी के बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बड़ा राजनीतिक ऐलान किया है। ओवैसी ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) India Block candidate, former Supreme Court judge Justice B. Sudarshan Reddy इंडिया ब्लॉक उम्मीदवार सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज न्यायमूर्ति बी. सुदर्शन रेड्डी का उनकी पार्टी समर्थन करेगी। यह फैसला न केवल चुनावी समीकरणों को प्रभावित करेगा, बल्कि तेलंगाना की राजनीति और राष्ट्रीय विपक्षी गठबंधन की दिशा में भी एक अहम मोड़ साबित हो सकता है।
9 सितंबर को होगा चुनाव
उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर को होना है। एनडीए की ओर से पूर्व राज्यपाल और वरिष्ठ बीजेपी नेता सीपी राधाकृष्णन मैदान में हैं, जबकि विपक्षी इंडिया गठबंधन ने न्यायमूर्ति सुदर्शन रेड्डी को प्रत्याशी बनाया है। ऐसे में ओवैसी का फैसला दोनों खेमों के लिए अहमियत रखता है। अब राजनीतिक विश्लेषक इस पर नजर गड़ाए हुए हैं कि AIMIM का यह कदम चुनाव परिणामों को किस हद तक प्रभावित करेगा।
ओवैसी का सोशल मीडिया पोस्ट
असदुद्दीन ओवैसी ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर पोस्ट कर इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि “न्यायमूर्ति सुदर्शन रेड्डी हैदराबाद के रहने वाले हैं और एक न्यायविद के रूप में उनकी पहचान पूरे देश में रही है। उनसे मेरी व्यक्तिगत बातचीत हुई और मैंने उन्हें शुभकामनाएं दीं। तेलंगाना से जुड़े होने के नाते उनका समर्थन करना हमारे लिए गर्व की बात है।”
संवैधानिक मूल्यों और लोकतंत्र की रक्षा
ओवैसी ने कहा कि एआईएमआईएम का यह फैसला महज राजनीतिक नहीं बल्कि वैचारिक भी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक ढांचे की रक्षा करना ही उनकी पार्टी की पहचान रही है। ओवैसी के मुताबिक, सुदर्शन रेड्डी ने अपने करियर में हमेशा संविधान और न्याय की मर्यादाओं को सर्वोच्च रखा है। यही कारण है कि AIMIM ने उनके पक्ष में खड़े होने का फैसला लिया।
तेलंगाना का समीकरण और AIMIM की पहचान
तेलंगाना की राजनीति में AIMIM का आधार बेहद मजबूत है, खासकर हैदराबाद और आसपास के क्षेत्रों में। न्यायमूर्ति रेड्डी हैदराबाद से ताल्लुक रखते हैं, जिससे AIMIM का यह समर्थन और भी important अहम हो जाता है। Political analysts believe राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि that this move of Owaisi will not only strengthen the ओवैसी का यह कदम न सिर्फ India alliance इंडिया गठबंधन को मजबूती देगा, बल्कि local identity and a sense of regional pride स्थानीय पहचान और क्षेत्रीय गर्व की भावना को भी उभारने का प्रयास है।
इंडिया बनाम NDA की जंग
इस उपराष्ट्रपति चुनाव को विपक्ष और सत्तारूढ़ एनडीए के बीच सीधी जंग के तौर पर देखा जा रहा है। एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु से ताल्लुक रखते हैं और लंबे समय तक संगठनात्मक राजनीति में सक्रिय रहे हैं। दूसरी ओर, इंडिया गठबंधन का दांव सुदर्शन रेड्डी पर है, जिनकी छवि एक निष्पक्ष और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध न्यायविद की रही है।
ओवैसी के फैसले पर प्रतिक्रियाएं
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने ओवैसी के फैसले का स्वागत किया और इसे “लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत” बताया। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने भी AIMIM के रुख को विपक्षी एकजुटता के संकेत के तौर पर देखा है। उधर, बीजेपी और एनडीए खेमे ने इसे “सियासी अवसरवाद” करार देते हुए कहा कि ओवैसी का समर्थन उनकी “डील बेस्ड पॉलिटिक्स” का हिस्सा है।
AIMIM की सियासी रणनीति
एआईएमआईएम अक्सर राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी राजनीति में अलग रुख अपनाने के लिए जानी जाती है। कई बार ओवैसी पर यह आरोप भी लगते रहे हैं कि वे विपक्षी एकजुटता में बाधा डालते हैं। लेकिन इस बार उपराष्ट्रपति चुनाव में इंडिया गठबंधन का साथ देने से यह संदेश जा रहा है कि AIMIM अपने राजनीतिक दृष्टिकोण में बदलाव कर रही है।
चुनाव पर संभावित असर
संख्याबल के लिहाज से उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए की स्थिति मजबूत मानी जा रही है, लेकिन विपक्ष ने सुदर्शन रेड्डी को मैदान में उतारकर मुकाबले को प्रतिष्ठा का रूप दिया है। ओवैसी का समर्थन विपक्षी खेमे में मनोबल बढ़ाने वाला कदम है। भले ही चुनावी गणित पर इसका बड़ा असर न पड़े, लेकिन प्रतीकात्मक तौर पर यह इंडिया गठबंधन को मजबूत करता है। असदुद्दीन ओवैसी और AIMIM का यह फैसला न केवल उपराष्ट्रपति चुनाव की सरगर्मी को और तेज कर रहा है, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में नए संकेत भी दे रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि 9 सितंबर को होने वाले चुनाव में यह समीकरण किस ओर पलड़ा भारी करता है। फिलहाल इतना तय है कि ओवैसी का INDIA को समर्थन विपक्ष की राजनीति में नई ऊर्जा भरने वाला कदम साबित हो सकता है। (प्रकाश कुमार पांडेय)





