जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है , तो नौतपा की शुरूआत होती है. यह साल का वो समय होता है जब 9 दिनों तक गरमी अपने चरम पर होती है. इस साल का नौतपा 25 मई की देर रात 4 बजे से यानि 26 मई की सुबह से प्रांरभ हो गया है और इसकी समाप्ति 2 जून को होगी. रोहिणी नक्षत्र चंद्रमा का नक्षत्र है , जिस कारण नौतपे का असर हमारी राशियों पर भी पड़ता है. चलिए इससे जुड़ी ओर भी कई बाते जानते है.
क्या होता है नौतपा?
जब ज्येष्ठ के महीने में सूर्य रोहिणी नक्षत्र में 15 दिनों के लिए गोचर करता है तो उन पंद्रह दिनों में से शुरुआत के नौ दिन भीषण गर्मी पड़ती है।. इन्हीं शुरुआती नौ दिनों को नौतपा कहते हैं. नौतपा के दौरान तापमान बहुत उच्च होता है. बता दें कि रोहिणी नक्षत्र के स्वामी चंद्र देव होते हैं जो शीतलता प्रदान करते हैं. लेकिन सूर्य के प्रभाव में आने से चंद्रमा की शीतलता कम होने लगती है. इसी शीतलता की कमी के कारण ही नौतपा के दिनों में ठंडक नहीं मिलती.
बारिश और नौतपा का संबंध
नौतपा और बारिश एक दूसरे से जुड़ा हुआ है. इस साल के नौतपा में रोहिणी नक्षत्र का निवास समुद्र तट पर है. माना जाता है कि अगर नौतपा के दौरान सूर्य के रोहिणी नक्षत्र का निवास समुद्र तट पर हो तो यह भविष्य में अच्छी बारिश का संकेत होता है.ऐसे में माना जा रहा है कि इस साल 2023 में भी नौतपा की तपन से अच्छी बारिश हो सकती है.
नौतपा के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
1.नौतपा के दौरान घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए. किसी तरह का जरूरी काम हो तभी निकले.
2..नौतपा में सूती वस्त्र पहने जिससे त्वचा संबंधी रोगों से बचा जा सके.
3. .नौतपा के दौरान पेट के रोगों के आसार ज्यादा रहते है, इसलिए हल्का फुल्का भोजन करें
4. जितना ज्यादा हो सके, उतना पानी पीएं