नेपाल में फिर कुदरत का कहर, बूढ़ी गंडकी में भीषण बाढ़ से तबाही

Nature fury strikes Nepal
भूस्खलन से नदी का प्रवाह बाधित होने की आशंका, अचानक बढ़े पानी ने बहाए तीन पुल और कई मकान। त्रिशूली नदी के निचले इलाकों में भी अलर्ट।

नेपाल में करीब डेढ़ महीने बाद एक बार फिर भीषण बाढ़ ने चिंता बढ़ा दी है। रविवार सुबह गोरखा जिले में बूढ़ी गंडकी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से कई बस्तियों में तबाही मच गई। तेज बहाव में मकान और तीन पुल बह गए, जबकि कई अन्य घरों को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है।

सुबह-सुबह अचानक बढ़ा नदी का पानी

स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, घटना की जानकारी रविवार सुबह करीब 4:35 बजे मिली। शुरुआती जानकारी में आशंका जताई गई है कि गोरखा जिले के चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका क्षेत्र में भूस्खलन के कारण नदी या उसकी किसी सहायक धारा का प्रवाह रुक गया था। इसके बाद पानी का दबाव बढ़ा और अचानक तेज बहाव के साथ नीचे की ओर आया। हालांकि, बाढ़ के सटीक कारणों की जांच जारी है।

जगत समेत कई बस्तियों में नुकसान

बूढ़ी गंडकी नदी में आए तेज बहाव ने जगत और आसपास के इलाकों को प्रभावित किया है। शुरुआती रिपोर्टों में जगत में पांच से सात मकानों के बहने की जानकारी सामने आई। अन्य बस्तियों में भी मकानों और पशुशालाओं को नुकसान पहुंचने की खबर है। तीन पुलों के बहने से स्थानीय संपर्क व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। नुकसान का पूरा आकलन अभी किया जा रहा है।

त्रिशूली नदी के किनारे रहने वालों को चेतावनी

बूढ़ी गंडकी नदी का पानी आगे चलकर त्रिशूली नदी में मिलता है। इसी वजह से प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और नदी के किनारों से दूर जाने की चेतावनी दी है। बाढ़ का खतरा त्रिशूली नदी के आसपास के क्षेत्रों तक बना हुआ है। लोगों से अपील की गई है कि वे प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें और सुरक्षित ऊंचाई वाले स्थानों पर रहें।

राहत और बचाव कार्य जारी

स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर रख रही हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और नुकसान की जानकारी जुटाने का काम जारी है। शुरुआती रिपोर्टों में किसी जनहानि की पुष्टि नहीं हुई थी, लेकिन हालात और नुकसान का आकलन अभी जारी है।  नेपाल में पहले भीषण बाढ़ की त्रासदी से उबरने की कोशिशें जारी हैं। ऐसे में बूढ़ी गंडकी में आई नई बाढ़ ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते सतर्क करना है।

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