Namo Bharat Rapid Rail: के पूरे रूट पर दौड़ते ही बदला पार्किंग का गणित, NCRTC ने जारी किया नया चार्ज स्ट्रक्चर

82 किलोमीटर लंबे दिल्ली–गाजियाबाद–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के फुल ऑपरेशन के साथ यात्रियों की जेब पर पड़ेगा सीधा असर

दिल्ली से मेरठ के बीच चलने वाला 82 किलोमीटर लंबा नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर अब पूरी क्षमता के साथ शुरू हो चुका है। इसके चालू होते ही नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) ने इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के स्टेशनों पर पार्किंग शुल्क में बदलाव का ऐलान कर दिया है। नए रेट्स दिल्ली और उत्तर प्रदेश के स्टेशनों पर अलग-अलग लागू होंगे, जिससे रोज़ सफर करने वालों और कार से स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों को अब पहले से ज्यादा प्लानिंग करनी होगी।

दिल्ली और यूपी के स्टेशनों पर कार पार्किंग के अलग-अलग नियम लागू

नई व्यवस्था के तहत छह घंटे तक कार या SUV पार्क करने पर दिल्ली के स्टेशनों पर यात्रियों को 50 रुपये चुकाने होंगे, जबकि उत्तर प्रदेश के स्टेशनों पर यही शुल्क 30 रुपये तय किया गया है। PTI के मुताबिक, यह अंतर क्षेत्रीय लागत और ट्रैफिक पैटर्न को ध्यान में रखकर रखा गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि यात्रियों को तेज पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ के लिए सभी तरह के वाहनों पर 10 मिनट तक मुफ्त पार्किंग की सुविधा मिलती रहेगी।

उत्तर प्रदेश में साइकिल चालकों के लिए सस्ता लेकिन समयबद्ध पार्किंग सिस्टम

उत्तर प्रदेश के स्टेशनों पर साइकिल से आने वाले यात्रियों के लिए नया टैरिफ ज्यादा किफायती रखा गया है। 10 मिनट से ज्यादा और 12 घंटे तक साइकिल पार्क करने पर सिर्फ 5 रुपये देने होंगे। अगर पार्किंग का समय 16 घंटे तक बढ़ता है तो शुल्क 10 रुपये हो जाएगा। वहीं, नॉन-ऑपरेशनल समय यानी आधी रात से सुबह 5 बजे के बीच रातभर साइकिल खड़ी रखने पर 20 रुपये चार्ज किए जाएंगे। यह सिस्टम लंबे समय तक साइकिल पार्किंग को रेगुलेट करने के उद्देश्य से लागू किया गया है।

एक घंटे से कम सफर ने रियल एस्टेट की तस्वीर बदलनी शुरू की

नमो भारत रैपिड रेल के कारण अब मेरठ से दिल्ली का सफर एक घंटे से भी कम समय में पूरा हो रहा है। प्रॉपर्टी एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस कनेक्टिविटी ने पहले ही हाउसिंग मार्केट में हलचल तेज कर दी है। जब सिर्फ 55 किलोमीटर का हिस्सा और 11 स्टेशन चालू थे, तब भी मेरठ, गाजियाबाद, मुरादनगर और मोदी नगर जैसे इलाकों में घरों की मांग में तेज उछाल देखा गया था। कुछ इलाकों में जमीन के दाम 8,000–12,000 रुपये प्रति वर्ग गज से बढ़कर 12,000–20,000 रुपये तक पहुंच गए।

मेरठ बन रहा है दिल्ली के वर्किंग प्रोफेशनल्स का नया ठिकाना

रियल एस्टेट एनालिस्ट्स मानते हैं कि यह रैपिड रेल लिंक मेरठ को दिल्ली में काम करने वाले लोगों के लिए एक मजबूत रेजिडेंशियल बेस के रूप में स्थापित करेगा। मोदीपुरम और शताब्दी नगर जैसे स्टेशनों के आसपास प्रॉपर्टी रेट्स में 30 से 60 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई है। नेशनल लेवल के डेवलपर्स अब ट्रांजिट-ओरिएंटेड प्रोजेक्ट्स पर फोकस कर रहे हैं। आने वाले वर्षों में मोदीपुरम और पल्लवपुरम में 30–40 प्रतिशत तक ग्रोथ का अनुमान लगाया जा रहा है, जबकि शास्त्री नगर और परतापुर भी निवेश के नए हॉटस्पॉट बनते दिख रहे हैं।

गाजियाबाद और मेरठ में चार साल में रिकॉर्ड प्राइस ग्रोथ

मार्केट डेटा के अनुसार, बीते चार वर्षों में मेरठ में रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की कीमतों में करीब 54 प्रतिशत और गाजियाबाद में 131 प्रतिशत तक की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि नमो भारत आरआरटीएस के पूरी तरह ऑपरेशनल होने से पहले हाउसिंग और रिटेल स्पेस में स्थिर लेकिन मजबूत ग्रोथ देखने को मिलेगी, जबकि ऑफिस स्पेस की मांग धीरे-धीरे बढ़ेगी।

 

 

 

 

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