आठ साल बाद एसआई-सूबेदार भर्ती पूरी, 436 अभ्यर्थी चयनित; 123 महिला अधिकारी भी होंगी पुलिस बल का हिस्सा
भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस को करीब आठ वर्षों के लंबे इंतजार के बाद उप निरीक्षक (एसआई) और सूबेदार संवर्ग में नए अधिकारियों की सौगात मिलने जा रही है। कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) ने एसआई एवं सूबेदार भर्ती परीक्षा-2025 का अंतिम परिणाम घोषित करते हुए 436 अभ्यर्थियों का चयन किया है। चयनित उम्मीदवारों में 313 पुरुष और 123 महिलाएं शामिल हैं। खास बात यह है कि महिलाओं के लिए आरक्षित सभी पद भर गए हैं, जिससे पुलिस विभाग में महिला नेतृत्व को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
यह भर्ती प्रक्रिया मध्य प्रदेश पुलिस के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि उप निरीक्षक और सूबेदार स्तर पर लंबे समय से अधिकारियों की कमी महसूस की जा रही थी। नई नियुक्तियों से थानों, विशेष शाखाओं और फील्ड यूनिटों में अधिकारियों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे कानून-व्यवस्था को और प्रभावी ढंग से संभालने में मदद मिलेगी।
500 पदों के लिए हुई थी भर्ती, अदालत के आदेश से 87% पदों पर चयन
कर्मचारी चयन मंडल के अनुसार भर्ती परीक्षा कुल 500 पदों के लिए आयोजित की गई थी। हालांकि न्यायालय के आदेश के चलते 13 प्रतिशत पदों पर फिलहाल नियुक्ति पर रोक है। इसी कारण अभी 87 प्रतिशत पदों के लिए अंतिम चयन सूची जारी की गई है, जिसमें 436 उम्मीदवारों को सफल घोषित किया गया है। शेष पदों पर भर्ती प्रक्रिया न्यायालय के निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ाई जाएगी।
कई चरणों से गुजरी चयन प्रक्रिया
भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संपन्न किया गया। प्रारंभिक परीक्षा अक्टूबर 2025 में आयोजित हुई, जबकि मुख्य परीक्षा अप्रैल 2026 में कराई गई। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा, शारीरिक माप परीक्षण, दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार के लिए बुलाया गया।
मुख्य परीक्षा के बाद 1,639 अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया के अगले चरण में हिस्सा लिया। यह प्रक्रिया 5 जून से 11 जून 2026 तक भोपाल और जबलपुर में आयोजित की गई। सभी चरणों के मूल्यांकन के बाद अंतिम रूप से 436 उम्मीदवारों का चयन किया गया।
महिला अधिकारियों की संख्या में होगा इजाफा
इस भर्ती की एक बड़ी उपलब्धि यह भी रही कि महिलाओं के लिए आरक्षित सभी 123 पद भर गए हैं। इससे प्रदेश पुलिस में महिला अधिकारियों की संख्या बढ़ेगी और महिला सुरक्षा, अपराध जांच तथा संवेदनशील मामलों के निपटारे में उनकी भूमिका और मजबूत होगी। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि महिला अधिकारियों की बढ़ती भागीदारी से पुलिस व्यवस्था अधिक संवेदनशील और प्रभावी बनेगी।
प्रशिक्षण के बाद मिलेगी पहली पोस्टिंग
चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। नियुक्ति के बाद सभी अधिकारियों को पुलिस अकादमी भौंरी (भोपाल) और आरएपीटीसी इंदौर में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें प्रदेश के विभिन्न जिलों, पुलिस इकाइयों और विशेष शाखाओं में पदस्थ किया जाएगा।
पुलिस व्यवस्था को मिलेगा नया बल
लंबे अंतराल के बाद हुई इस भर्ती को मध्य प्रदेश पुलिस के आधुनिकीकरण और मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। नए अधिकारियों के शामिल होने से थानों में कार्यभार कम होगा, जांच कार्यों में गति आएगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की क्षमता भी मजबूत होगी। पुलिस विभाग को उम्मीद है कि प्रशिक्षित युवा अधिकारी आधुनिक पुलिसिंग, तकनीकी जांच और जनसंपर्क आधारित कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाएंगे।
करीब आठ साल बाद पूरी हुई इस भर्ती ने हजारों युवाओं के लंबे इंतजार को भी समाप्त किया है। अब चयनित अभ्यर्थी प्रशिक्षण के बाद प्रदेश की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की जिम्मेदारी संभालेंगे।





