MP कैबिनेट के बड़े फैसले: लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपये, शासकीय भवनों पर लगेंगे सोलर पैनल, ओंकारेश्वर परियोजना को अतिरिक्त बजट मंजूर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनका सीधा असर महिलाओं, किसानों और ऊर्जा प्रबंधन पर पड़ेगा। सरकार ने लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाकर अब 1500 रुपये प्रतिमाह करने का फैसला किया है। इसके साथ ही राज्यभर के सरकारी भवनों पर सोलर पैनल लगाने की मंजूरी भी दी गई है। ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की प्रतिमा और वेदांत संग्रहालय परियोजना के लिए 250 करोड़ रुपये अतिरिक्त स्वीकृत किए गए हैं। वहीं किसानों को 13 नवंबर को भावांतर योजना का भुगतान किया जाएगा।
सरकारी भवनों पर सोलर पैनल लगाने को हरी झंडी
सोमवार की बैठक में सोलर रूफटॉप योजना को व्यापक रूप में लागू करने पर सहमति बनी। अब प्रदेश के सभी जिलों में शासकीय भवनों की छतों पर सौर ऊर्जा पैनल लगाए जाएंगे। इन पैनलों से निर्मित बिजली का उपयोग उन्हीं कार्यालयों में किया जाएगा, जिससे ऊर्जा लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। इस परियोजना के टेंडर हर जिले में अलग-अलग जारी किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि यह कदम आने वाले वर्षों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ी पहल साबित होगा।
लाड़ली बहनों की सहायता राशि बढ़ाकर 1500 रुपये
प्रदेश की लगभग 1 करोड़ 26 लाख लाड़ली बहनों के लिए बड़ी राहत का निर्णय लिया गया। सरकार ने उनकी मासिक सहायता राशि 1250 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये कर दी है। इस 250 रुपये की वृद्धि को कैबिनेट से औपचारिक मंजूरी प्रदान की गई। 12 नवंबर 2025 को सिवनी में होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री इस बढ़ी राशि को सिंगल क्लिक के माध्यम से महिलाओं के खातों में स्थानांतरित करेंगे। इससे महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण योजनाओं को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
ओंकारेश्वर परियोजना को मिला अतिरिक्त बजट
प्रसिद्ध धार्मिक स्थल ओंकारेश्वर में विकसित की जा रही आदि शंकराचार्य की प्रतिमा और वेदांत संग्रहालय परियोजना के लिए सरकार ने अतिरिक्त 250 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। यह राशि पहले से स्वीकृत बजट के ऊपर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रोजेक्ट धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। इस मंजूरी से कार्यों की गति तेज होने की संभावना है तथा परियोजना समय सीमा में पूर्ण हो सकेगी।
किसानों को 13 नवंबर को मिलेगा भावांतर भुगतान
किसानों के लिए भी बैठक में राहत भरा फैसला किया गया। भावांतर योजना के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य और मॉडल रेट के अंतर की राशि 13 नवंबर 2025 को किसानों को प्रदान की जाएगी। मॉडल रेट प्रतिदिन सुबह 6 बजे घोषित किए जा रहे हैं ताकि किसान अपनी उपज की स्थिति का सही अंदाजा लगा सकें। इसके अलावा मांधाता क्षेत्र में सिविल न्यायालय के लिए नए पद सृजन की अनुमति भी दी गई है, जिससे न्यायिक कार्यों में तेजी आएगी।