हेमंत खंडेलवाल के रुप में MP बीजेपी को मिल ही गया आखिर नया अध्यक्ष…जानें कौन हैं हेमंत खंडेलवाल और उनका सियासी सफर…

हेमंत खंडेलवाल के रुप में एमपी बीजेपी को मिल ही गया आखिर नया अध्यक्ष…जानें कौन हैं हेमंत खंडेलवाल और उनका सियासी सफर…

लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को नया अध्यक्ष मिल ही गया। बैतूल से पार्टी के विधायक हेमंत खंडेलवाल अब एमपी बीजेपी के नए अध्यक्ष बन गये हैं हैं। खंडेलवाल ने मंगलवार 1 जुलाई को नामांकन दाखिल किया था, औपचारिक ऐलान आज बुधवार 2 जुलाई को उनके नाम का एलान किया गया।

बता दें सीएम डॉ. मोहन यादव और हेमंत खंडेलवाल के बीच आपसी विश्वास और सहयोग का एक लंबा रिश्ता है। दोनों संगठन और सरकार दोनों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। हेमंत खंडेलवाल और उनकी क्षमताओं को सीएम डॉ.मोहन यादव ने नजदीक से परखा और वे सीएम यादव की पहली पसंद बने।
यही वजह है कि बगैर किसी शोर-शराबे के पार्टी मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष के रुप में हेमंत खंडेलवाल का निर्विरोध चयन हो सका। इस नियुक्ति से बीजेपी में गुटबाजी करने वाले नेताओं को भी एक बड़ा झटका लगा है। वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की यह रणनीति सफल मानी जा रही है। बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने एक बार फिर से यह स्पष्ट कर दिया कि मध्य प्रदेश में पार्टी के मूल कार्यकर्ताओं को ही तबज्जो दीया जाएगी। आइये जानते हैं ​हेमंत खंडेलवाल का राजनीतिक सफर…

हेमंत खंडेलवाल का राजनीतिक जीवन

हेमंत खंडेलवाल बैतूल से पार्टी के विधायक हैं। वे बीजेपी के एक अनुभवी नेता हैं। पार्टी में उनकी छवि साफ-सुथरी मानी जाती है। बैतूल बीजेपी विधायक खंडेलवाल एमपी की राजनीति में जाना-पहचाना नाम हैं। उन्हें विरासत में सियासत मिली है। दरअसल हेमंत खंडेलवाल के पिता विजय कुमार खंडेलवाल स्वयं बीजेपी के कद्दावर नेताओं में शुमार थे। वे बैतूल से सांसद भी रहे थे।

पिता के निधन के बाद हेमंत खंडेलवाल हुए सक्रिय

पिता विजय खंडेलवाल के निधन के बाद हेमंत खंडेलवाल साल 2008 में राजनीति में सक्रिय हुए थे। उसी साल लोकसभा का चुनाव उन्होंने जीता और सांसद बने। इसके बाद 2013 में हेमंत खंडेलवाल पहली बार बैतूल विधानसभा से विधायक भी चुने गए थे। पिछली बार 2023 के चुनाव में उन्होंने दोबारा बैतूल सीट से ही जीत दर्ज की थी।

हेमंत खंडेलवाल का बीजेपी का भरोसेमंद

हेमंत खंडेलवाल की सबसे बड़ी ताकत उनकी साफ छवि मानी जाती है। उनके नाम पर बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं की भी सहमति नजर आती है। संगठन में भी हेमंत खंडेलवाल का लंबा अनुभव रहा है। वे पार्टी के कोषाध्यक्ष और बैतूल जिला अध्यक्ष भी रह चुके हैं। यही वजह है कि बीजेपी में वे एक भरोसेमंद चेहरा माने जाते हैं।

टूटा वीडी शर्मा के कार्यकाल में रिकॉर्ड!

मध्य प्रदेश बीजेपी के करीब पैतालिस साल के इतिहास में वीडी शर्मा ऐसे इकलौते पार्टी प्रदेश अध्यक्ष हैं, जिन्होंने सबसे लंबा कार्यकाल का रिकॉर्ड कायम किया। स्वर्गीय सुंदरलाल पटवा और कैलाश जोशी के बाद नरेन्द्र सिंह तोमर भी दो-दो बार अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं, लेकिन वीडी शर्मा ऐसे अकेले नेता हैं जो एक ही पारी में पूरे पांच तक प्रदेशाध्यक्ष बने रहे। 15 फरवरी 2020 में वीडी शर्मा एमपी बीजेपी के अध्यक्ष चुने गए थे। पार्टी संगठन के नियम अनुसार तीन साल बाद 2023 में शर्मा का कार्यकाल खत्म होना था, लेकिन साल 2024 के लोकसभा चुनाव के चलते पार्टी आलाकमान ने उन्हें एक्सटेंशन दिया था।…(प्रकाश कुमार पांडेय)

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