एमपी कृषि कैबिनेट के बड़े फैसले: भावांतर योजना में सरसों शामिल, वरला–पानसेमल सिंचाई परियोजना को मंजूरी

MP Agriculture Cabinet

एमपी कृषि कैबिनेट के बड़े फैसले: भावांतर योजना में सरसों शामिल, वरला–पानसेमल सिंचाई परियोजना को मंजूरी

मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने किसानों के हित में कई बड़े और दूरगामी फैसले लिए हैं। 2 मार्च को बड़वानी जिले के नागलवाड़ी स्थित शिखरधाम में आयोजित कृषि कैबिनेट बैठक में भावांतर योजना में सरसों को शामिल करने, वरला–पानसेमल माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना को मंजूरी देने और 27,746 करोड़ रुपये की 16 योजनाओं को स्वीकृति जैसे अहम निर्णय लिए गए। यह पहली बार है जब बड़वानी में कृषि कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने विलेश मंदिर में दर्शन किए। भीलटदेव मंदिर की तलहटी में करीब 8 एकड़ क्षेत्र को अस्थायी मंत्रालय का स्वरूप देकर बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य सरकार के लगभग 25 मंत्री शामिल हुए।

27,746 करोड़ की 16 योजनाओं को मंजूरी

किसान कल्याण को प्राथमिकता देते हुए छह विभागों की 16 योजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिन पर 27 हजार 746 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होगी। मुख्यमंत्री ने प्रेसवार्ता में बताया कि वर्ष 2026 को प्रदेश में “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। सरकार अलग-अलग अंचलों में कृषि कैबिनेट की बैठकें कर किसानों के बीच जाकर नीतियां तय कर रही है। खाद्य प्रसंस्करण विभाग की 4,264 करोड़ रुपये की योजनाओं को हरी झंडी मिली है, जबकि सहकारिता विभाग की 8,166 करोड़ रुपये की योजनाएं भी मंजूर की गई हैं। अब तक किसानों के लिए 38 हजार करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं को स्वीकृति दी जा चुकी है।

भावांतर योजना में सरसों शामिल

प्रदेश के किसानों को बेहतर समर्थन मूल्य दिलाने के उद्देश्य से सरसों को भावांतर योजना में शामिल करने का फैसला लिया गया है। इससे बाजार मूल्य कम होने की स्थिति में किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि सरसों को योजना में शामिल करने से तिलहन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

वरला–पानसेमल माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना

निमाड़ क्षेत्र की खेती को मजबूती देने के लिए वरला एवं पानसेमल क्षेत्र में माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना से क्षेत्र के हजारों किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी और फसल उत्पादन में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई परियोजनाओं के कारण निमाड़ क्षेत्र देशभर में अच्छी खेती के लिए जाना जाता है और सरकार इसे और सशक्त बनाएगी।

आधुनिक कृषि उपज मंडी और आदर्श मंडी

बड़वानी में आधुनिक सुविधाओं से युक्त नई कृषि उपज मंडी का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही खेतिया कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई है। इससे किसानों को अपनी उपज के बेहतर दाम मिलेंगे और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

नई मत्स्य पालन नीति

मछली उत्पादन और उससे जुड़े कारोबार को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में नई मत्स्य पालन नीति लाई जाएगी। इस नीति के तहत कोल्ड चेन, मार्केटिंग स्ट्रक्चर, रेफ्रिजरेटेड वैन और फीड प्लांट लगाने पर सब्सिडी का प्रावधान किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि मत्स्य उत्पादकों की आय बढ़े और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित हों।

कॉलेजों में कृषि शिक्षा

युवाओं को आधुनिक खेती की तकनीक से जोड़ने के लिए महाविद्यालयों में कृषि विषय पढ़ाने की दिशा में तैयारी की जाएगी। सरकार का मानना है कि यदि युवाओं को वैज्ञानिक और तकनीकी खेती की शिक्षा मिलेगी तो वे नवाचार को अपनाकर कृषि क्षेत्र को नई दिशा देंगे।

भीलटदेव क्षेत्र का पर्यटन विकास

भीलटदेव क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा भी की गई है। धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के इस क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं विकसित कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

नेशनल शूटिंग चैंपियन को सहायता

बैठक में नेशनल शूटिंग चैंपियन वैष्णवी माहुले के पिता को शूटिंग अकादमी के लिए 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग करेगी।

“सच्चा वादा, पक्का काम” का दावा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “सच्चा वादा, पक्का काम” थीम के तहत सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व सरकारों ने आदिवासी समाज के लिए पर्याप्त काम नहीं किया, जबकि वर्तमान सरकार ने भगोरिया को राष्ट्रीय पर्व का दर्जा दिया और आदिवासी क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया है। कृषि कैबिनेट के इन फैसलों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार कृषि, सिंचाई, मत्स्य पालन, पर्यटन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में समग्र विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में इन योजनाओं के क्रियान्वयन से किसानों की आय बढ़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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