मध्य प्रदेश में विधानसभा सत्र वैसे तो 19 जुलाई तक के लिए बुलाया गया था, लेकिन शुक्रवार को पांचवे दिन ही सत्र की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला। जयवर्धन सिंह ने कहा कि अब बीजेपी विधानसभा में जनहित के मुद्दों पर चर्चा नहीं करती।
- एमपी विधानसभा का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
- स्पीकर ने पांचवे दिन स्थगित की कार्रवाई
- 1 जुलाई से 19 जुलाई तक चलना थी सत्र की कार्रवाई
- विधानसभा में जल जीवन मिशन पर हंमागा
- हंगामे के बीच अनुदान मांगों को किया पारित
- बिना चर्चा के राज्य सरकार का बजट विधानसभा से पारित
कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा जरुरी मुद्दों पर चर्चा से सरकार बचती नजर आई। उन्होंने कहा जब विधानसभा के मानसून सत्र की घोषणा की गई थी तब यह कहा गया था कि मानसून सत्र पूरे समय चलेगा। 1 जुलाई से 19 जुलाई तक सदन में चर्चा होगी। उन्होंने कहा आज शुक्रवार को भी एजेंडे में कई विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा होना थी, लेकिन सत्ताधारी बीजेपी ने चर्चा नहीं कराई।
मध्य प्रदेश की डॉ.मोहन सरकार ने 3 जुलाई को सदन में अपना पहला पूर्ण बजट पेश किया था। सदन में बजट पेश होने के बाद से ही विपक्षी सदस्य लगातार सरकार पर हमलावर नजर आ रहे थे। कांग्रेस ने बीजेपी सरकार के बजट को जनविरोधी करार दिया था। वहीं सत्तापक्ष के विधायकों और मंत्रियों ने बजट को प्रदेश के विकास को गति देने वाला बताया था।
जल जीवन मिशन को लेकर हुआ हंगामा
सत्र के पांचवे दिन आज की कार्यसूची में शामिल कामकाज को हंगामे के बीच ही पूरा किया गया। पहले ही दिन से शुरु हुआ विपक्ष का हंगामा शुक्रवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। ऐसे में कार्यसूची में शामिल सभी विधेयक सदन में पारित होने के बाद जब अनुदान मांगों पर चर्चा की जा रही थी उसी दौरान हंगामा हो गया।
इस बीच मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने जल जीवन मिशन को लेकर हुए हंगामे पर कहा केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन की प्रगति को लेकर राज्य स्तर पर समय-समय पर समीक्षा की जानी चाहिए। स्पीकर ने इस योजना के तहत चल रहे विभिन्न कार्यों पर सदन में पक्ष विपक्ष के कुछ विधायकों की ओर से चिंता व्यक्त करने के बाद यह टिप्पणी की थी। दरअसल विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों ने जल जीवन मिशन की शुरुआत से जुड़ी कमियों को उजागर किया था इसके बाद हंगामा करते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा इस मुद्दे की संपूर्ण जांच होना चाहिए, क्योंकि इससे केवल एक दल नहीं, बल्कि पूरा सदन चिंतित नजर आ रहा है। इस बीच नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने इस मुद्दे को लेकर कुछ ऐसी टिप्पणियां कर दीं जिन्हें स्पीकर ने सदन की कार्यवाही से विलोपित करा दिया। इसके बाद कांग्रेसी विधायकों ने विधानसभा से बहिर्गमन कर दिया।