जोरदार रफ्तार से मानसून लौटा… 10 अक्टूबर तक देश के इन राज्यों में गिरती रहेगी आसमान से बौछार…
भारत में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत से लौट आया है। मौसम विभाग के अनुसार 7 से 10 अक्टूबर तक देश के कई हिस्सों में तेज़ बारिश देखने को मिलेगी। सितंबर के आखिरी हफ्ते में जो सुस्ती आई थी, वह अब खत्म हो चुकी है। आसमान में घने बादल छाने लगे हैं और नमी बढ़ने के कारण कई इलाकों में झमाझम बारिश शुरू हो गई है। यह दौर अगले चार दिनों तक जारी रहेगा।
- मानसून वापसी: देश में फिर बारिश का दौर
- 7, 8, 9 और 10 अक्टूबर को भारी बारिश का अलर्ट
- IMD ने जारी किया कई राज्यों के लिए चेतावनी
राजस्थान में फिर से भीगेंगे शहर
राजस्थान में मानसून की वापसी के साथ एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो गया है। जयपुर, कोटा, उदयपुर, बाड़मेर, जालौर और सिरोही जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 7 से 10 अक्टूबर तक कुछ क्षेत्रों में बिजली गिरने, ओलावृष्टि और तेज़ हवाओं के चलने की चेतावनी भी जारी की गई है। किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद साबित हो सकती है, लेकिन खेतों में जलभराव की समस्या भी बढ़ सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में फिर बरसेंगे बादल
राजधानी दिल्ली और एनसीआर में भी मानसून लौट आया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक 7 से 10 अक्टूबर तक हल्की से मध्यम और कुछ जगहों पर तेज़ बारिश की संभावना है। इस दौरान 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तापमान में गिरावट आएगी और मौसम सुहावना रहेगा। सफदरजंग और पालम स्टेशन पर अगले चार दिनों में औसतन 20-25 मिमी तक वर्षा दर्ज की जा सकती है।
उत्तर भारत के राज्यों में अलर्ट
उत्तर भारत के कई राज्यों — उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर — में अगले चार दिनों तक भारी बारिश के आसार हैं। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने का खतरा है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड और हिमाचल के पर्वतीय जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। पर्यटकों और यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मध्य और पूर्वी भारत में तेज़ बारिश
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी मानसून सक्रिय हो गया है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और रायपुर में अगले चार दिनों तक लगातार बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बनी निम्न दबाव की स्थिति के कारण इन इलाकों में भारी बारिश के योग बने हुए हैं। किसानों को फसलों की कटाई में थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है ताकि नुकसान से बचा जा सके।
पूर्वोत्तर भारत में भी बरसेंगे बादल
मेघालय, असम, नागालैंड, त्रिपुरा, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में अगले चार दिनों तक तेज़ बारिश के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून की वापसी के समय पूर्वोत्तर में सक्रियता बढ़ जाती है। कुछ इलाकों में बिजली गिरने और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
दक्षिण भारत में भीगी रहेगी फिज़ा
दक्षिण भारत के राज्यों — केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और गोवा — में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ओर से नमी बढ़ने के कारण तटीय इलाकों में भारी वर्षा के योग बन रहे हैं। केरल में 8 और 9 अक्टूबर को रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं कर्नाटक के कुछ जिलों में स्कूलों की छुट्टी की घोषणा की जा सकती है।
समुद्री क्षेत्रों में हवाओं का दबाव बढ़ा
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में हवा की गति 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु में लहरों की ऊँचाई सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।
फसलों के लिए राहत, पर सतर्कता ज़रूरी
कई राज्यों में यह बारिश खरीफ फसलों के लिए वरदान साबित हो सकती है। धान, मक्का और सोयाबीन की फसल को नमी मिलने से पैदावार बढ़ सकती है। हालांकि अत्यधिक वर्षा के कारण जलभराव या कटाई में देरी की समस्या भी हो सकती है। कृषि विशेषज्ञ किसानों को खेतों की निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने की सलाह दे रहे हैं।
मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने साफ कहा है कि 7 से 10 अक्टूबर के बीच देश के अधिकांश हिस्सों में भारी से अति भारी वर्षा के हालात रहेंगे। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले क्षेत्रों में न ठहरने और बिजली गिरने से बचाव के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने यह भी कहा है कि बारिश के बाद अगले सप्ताह से धीरे-धीरे मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
मानसून की वापसी ने एक बार फिर पूरे देश में राहत और सतर्कता दोनों के संकेत भेजे हैं। जहां एक ओर किसानों के चेहरों पर मुस्कान है, वहीं प्रशासन भी बाढ़ और भूस्खलन जैसी संभावनाओं के प्रति तैयार है। 7 से 10 अक्टूबर तक बारिश का यह दौर देश के ज्यादातर हिस्सों को भिगोएगा और अक्टूबर की शुरुआत को मानसूनी रंग से भर देगा। ( प्रकाश कुमार पांडेय )