यूपी विधानसभा का मानसून सत्र: एक दिन चलेगा 24 घंटे का विशेष अधिवेशन..विपक्ष ने बनाई सरकार को घेरने की ये रणनीति
लखनऊ में सोमवार से उत्तर प्रदेश विधानसभा का चार दिवसीय मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है। खास बात यह है कि सत्र का एक दिन लगातार 24 घंटे चलेगा, जिसमें मंत्री अपने-अपने विभागों का विजन डॉक्यूमेंट पेश करेंगे। 13 अगस्त को दोनों सदनों में इस पर विस्तृत चर्चा होगी। वहीं, पहले दिन समाजवादी पार्टी के विधायकों ने सदन में प्रदर्शन करने की रणनीति बनाई है।
यूपी विधानसभा का मॉनसून सत्र आज से शुरू
लखनऊ, 11 अगस्त 2025 — उत्तर प्रदेश विधानसभा का चार दिवसीय मॉनसून सत्र आज से शुरू हो रहा है, और इस बार यह सत्र कई मायनों में ऐतिहासिक बनने जा रहा है। पहली बार विधानसभा की कार्यवाही एक दिन लगातार 24 घंटे तक चलेगी। इस विशेष दिन में राज्य के मंत्री अपने-अपने विभागों का ‘विजन डॉक्यूमेंट’ पेश करेंगे, जिसमें अगले वर्षों के लिए विकास की दिशा तय करने वाले रोडमैप को शामिल किया जाएगा।
विजन डॉक्यूमेंट पर होगी ऐतिहासिक चर्चा
13 अगस्त को विधानसभा और विधान परिषद—दोनों सदनों में विजन डॉक्यूमेंट पर विस्तृत चर्चा होगी। इसमें सभी दलों के नेताओं को अपने सुझाव देने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि यह दस्तावेज किसी राजनीतिक दल का एजेंडा नहीं होगा, बल्कि राज्य के भविष्य का साझा खाका होगा, जिसमें सभी दलों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
सर्वदलीय बैठक में सहयोग का आह्वान
सत्र शुरू होने से एक दिन पहले रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में आयोजित सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लिया।
विधानसभा अध्यक्ष महाना ने कहा—“संसदीय प्रणाली में संवाद और सकारात्मक चर्चा से ही लोकतंत्र मजबूत होता है।”
उन्होंने सभी दलों से अनुरोध किया कि वे सदन की मर्यादा का पालन करें और सार्थक बहस में सहयोग करें।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक दिन पहले बैठक में कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा अपने तकनीकी नवाचारों के कारण देशभर में अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन रही है। उन्होंने जोर दिया कि सदन में जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा होनी चाहिए। विजन डॉक्यूमेंट पर चर्चा में सभी दल सक्रिय भागीदारी करें, ताकि राज्य के सर्वांगीण विकास का रोडमैप तैयार हो सके। सीएम योगी ने यह भी कहा कि यह पहली बार होगा जब विधानसभा में एक ही विषय पर इतने व्यापक स्तर पर बहस होगी, जिसमें सभी राजनीतिक विचारधाराओं के लोग अपने सुझाव दे पाएंगे।
विपक्ष का रुख और सहयोग का भरोसा
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि अब तक विधायक अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं उठाते थे, लेकिन यह चर्चा पूरे राज्य के भविष्य की दिशा तय करेगी।
विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे ने कहा—“हम राज्य के विकास के लिए हर संभव सहयोग देंगे। वहीं कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा ने सरकार से मांग की है कि सदन में पेश होने वाले विजन डॉक्यूमेंट पर विस्तार से और गंभीर चर्चा होना चाहिए। जिससे अधिक से अधिक जनता के सुझाव इस विजन डॉक्यूमेंट में शामिल किए जा सकें।
संभावित टकराव के मुद्दे
हालांकि सत्र में विकास योजनाओं पर चर्चा का एजेंडा है, लेकिन विपक्ष स्कूलों के विलय, बिजली के निजीकरण और कुछ अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में पहले दिन से ही सदन का माहौल गरम होने की संभावना है।
सत्र की मुख्य विशेषताएं
चार दिन का सत्र — 11 अगस्त से 14 अगस्त तक।
एक दिन का 24 घंटे का विशेष अधिवेशन — मंत्री विभागवार विजन डॉक्यूमेंट पेश करेंगे।
13 अगस्त को विस्तृत चर्चा — दोनों सदनों में विजन डॉक्यूमेंट पर सभी दलों के विचार।
संसदीय मर्यादा पर जोर — सभी दलों से सहयोग और सकारात्मक बहस की अपील।
राजनीतिक और विकासात्मक महत्व
यह सत्र केवल विधायी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के भविष्य की दिशा तय करने का मंच भी बनेगा। विकास योजनाओं के लिए साझा दृष्टिकोण तैयार होगा। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों को राज्य के दीर्घकालिक हित में एकजुट होने का अवसर मिलेगा। प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के साथ राज्य के विजन का तालमेल बिठाने की कोशिश होगी।
जनता की नजरें सत्र पर
राज्य के नागरिक इस सत्र से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठे हैं। विशेष रूप से 24 घंटे के अधिवेशन को लेकर उत्सुकता है, क्योंकि यह न केवल उत्तर प्रदेश में बल्कि पूरे देश में एक अनूठा प्रयोग होगा। लोग यह देखना चाहते हैं कि विजन डॉक्यूमेंट में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बुनियादी ढांचे और कानून-व्यवस्था को लेकर क्या ठोस कदम सुझाए जाएंगे। विपक्ष किन मुद्दों पर सरकार को घेरता है और सरकार कैसे जवाब देती है, इस पर भी जनता की पैनी नजर रहेगी।
उत्तर प्रदेश विधानसभा का यह मॉनसून सत्र परंपरागत बहस से आगे बढ़कर भविष्य की योजना बनाने का प्रयास है। यदि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों सकारात्मक सहयोग दें, तो यह सत्र राज्य के विकास के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है। ….(प्रकाश कुमार पांडेय)





