विदाई से पहले फिर बरसेगा मानसून, गुजरात-महाराष्ट्र में तबाही के हालात
उत्तर भारत में गर्मी का प्रकोप
विदाई से पहले मानसून का यह नया दौर कई राज्यों के लिए राहत और आफत दोनों लेकर आया है। जहां उत्तर भारत के लोग गर्मी और उमस से परेशान हैं, वहीं गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार और छत्तीसगढ़ में बारिश ने तबाही मचाई है। मौसम विभाग का साफ अनुमान है कि 15 अक्टूबर तक मानसून पूरी तरह देश से विदा होगा। तब तक लोगों को बारिश और गर्मी के बीच झूलते मौसम का सामना करना पड़ेगा।
देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के रंग बदल रहे हैं। उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में मानसून विदा हो चुका है और अब यहां गर्मी ने फिर से दस्तक दे दी है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में पिछले कुछ दिनों से तापमान लगातार बढ़ रहा है। दिल्ली-एनसीआर में उमस और पसीने से लोग बेहाल हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री तक रह सकता है। हालांकि, 2 अक्टूबर तक बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है, जिससे कुछ राहत मिलेगी। उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में भी बौछारें पड़ सकती हैं लेकिन भारी बारिश की संभावना नहीं है। अक्टूबर की शुरुआत में यहां मई-जून जैसी गर्मी का अनुभव हो सकता है।
गुजरात-महाराष्ट्र में बारिश से तबाही
दूसरी तरफ पश्चिम भारत में मानसून विदाई से पहले एक बार फिर सक्रिय हो गया है। गुजरात के कई इलाकों में बुधवार को भारी बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। वलसाड और नवसारी में घरों को नुकसान पहुंचा, द्वारका में स्टेट हाईवे पानी में बह गया और वडोदरा में गरबा पंडाल ढह गए। महाराष्ट्र में हालात और भी गंभीर बने हुए हैं। मराठवाड़ा क्षेत्र के 3,000 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं। खेत जलमग्न हो गए और हजारों लोग विस्थापित हुए। महाराष्ट्र शिक्षा बोर्ड ने खराब मौसम को देखते हुए 12वीं कक्षा की परीक्षा आवेदन भरने की तारीख 30 सितंबर से बढ़ाकर 20 अक्टूबर कर दी है।
मानसून की चाल और नया सिस्टम
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड से लौट चुका है। लेकिन अभी गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में सक्रिय है। अरब सागर के ऊपर गहरा निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, वहीं बंगाल की खाड़ी में भी नया सिस्टम विकसित हो रहा है। इसके चलते 1 अक्टूबर से गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार में बारिश का नया दौर शुरू होगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि मानसून इस साल 15 अक्टूबर तक पूरे देश से विदा लेगा। यानी आने वाले पंद्रह दिन फिर से कई राज्यों में बारिश से परेशानियां बढ़ सकती हैं।
राजस्थान-मध्यप्रदेश में बदलेगा मौसम
राजस्थान में मंगलवार को बादल छाए रहे और 23 जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह दौर 3 अक्टूबर तक जारी रहेगा। उधर मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से नया सिस्टम सक्रिय होगा। इससे पूरे सप्ताह तक गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में तेज हवाएं और बौछारें पड़ सकती हैं। किसानों के लिए यह बारिश दोहरी स्थिति लेकर आएगी। धान और सोयाबीन की फसल को फायदा होगा, लेकिन कटाई के लिए तैयार फसलें भीगने से नुकसान झेल सकती हैं।
बिहार-छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट
पूर्वी भारत के राज्यों में भी बारिश का असर देखने को मिलेगा। बिहार में 30 सितंबर को तो बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, लेकिन 2 से 6 अक्टूबर के बीच कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। गंगा के मैदानी क्षेत्रों और उत्तर बिहार के जिलों में बाढ़ की स्थिति भी बन सकती है। वहीं छत्तीसगढ़ में अगले चार दिनों तक तूफानी बारिश का अनुमान है। यहां गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं और कई जिलों में जलभराव की स्थिति पैदा होगी। झारखंड और ओडिशा में भी 1 अक्टूबर से मौसम बिगड़ने के संकेत मिल रहे हैं। सौराष्ट्र, कच्छ और पश्चिम बंगाल में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
मानसून विदाई से पहले एक बार फिर जोर पकड़ रहा है। उत्तर भारत में लोग गर्मी और उमस से परेशान हैं, जबकि गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 15 अक्टूबर तक मानसून पूरी तरह देश से विदा लेगा। तब तक देशभर में कभी बारिश और कभी गर्मी का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। यह दौर जहां किसानों को राहत देगा, वहीं कुछ फसलों और आम जनजीवन के लिए मुश्किलें भी खड़ी कर सकता है। (प्रकाश कुमार पांडेय)