मानसूनी बारिश का कहर: अगले सात दिनों तक भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट, इन राज्यों में वज्रपात का भी खतरा

Monsoon rains

मानसूनी बारिश का कहर: अगले सात दिनों तक भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट, इन राज्यों में वज्रपात का भी खतरा

देश के कई राज्यों में भारी मानसूनी बारिश का कहर
28 जुलाई से 3 अगस्त तक अलर्ट पर रहें ये राज्य

देश भर में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि 28 जुलाई से 3 अगस्त तक देश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) होने की संभावना है। इसके साथ ही आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं, जिससे जान-माल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। ऐसे में लोगों से सतर्क रहने और सावधानी बरतने की अपील की गई है।

28 से 31 जुलाई तक देश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, 28 जुलाई को उत्तर भारत के राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, और पश्चिमी राजस्थान में कुछ स्थानों पर अति भारी वर्षा हो सकती है। विभाग ने इन राज्यों में यात्रा करने वाले लोगों को सावधानी बरतने और मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी है।

29 से 31 जुलाई तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नया वर्षा चक्र सक्रिय
आईएमडी का कहना है कि 29 जुलाई से 31 जुलाई तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र यानी जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का एक नया दौर शुरू होने की संभावना है। इसके चलते पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, बाढ़, और यात्रा अवरोध की स्थिति बन सकती है।

हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान में 28 जुलाई से 2 अगस्त तक भारी बारिश
विभाग के अनुसार, 28 जुलाई से 2 अगस्त तक हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान के कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश होने के आसार हैं। विशेषकर पूर्वी राजस्थान में 28 और 29 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। इससे कृषि क्षेत्र पर असर पड़ सकता है और ग्रामीण इलाकों में जलभराव जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

पूर्वी और मध्य भारत में भी खतरे की घंटी
आईएमडी ने चेताया है कि अगले चार दिनों (28 जुलाई से 31 जुलाई) तक मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। देश के इन राज्यों में वज्रपात यानी आकाशीय बिजली गिरने Thunderstorm and Lightning का भी खतरा बने रहने की आशंका जताई गई है।। ऐसे में आईएमडी की ओर से स्थानीय प्रशासन से आग्रह किया है कि सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता दें साथ ही लोगों को समय-समय पर सतर्क किया जाए।

पूर्वोत्तर भारत में 1 से 3 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग का अनुमान है कि 1 अगस्त से 3 अगस्त के बीच पूर्वोत्तर भारत में एक नया वर्षा चक्र सक्रिय हो सकता है। विशेष रूप से नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को भूस्खलन, सड़क बाधा और नदी का जलस्तर बढ़ने जैसी आपात स्थितियों के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।

आकाशीय बिजली से बचने के उपाय
आईएमडी ने लोगों को वज्रपात के समय खुले में न रहने की सलाह दी है। खेतों, मैदानों और ऊंचे पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें। सुरक्षित स्थान जैसे पक्के मकान या वाहन में शरण लें। आकाशीय बिजली के समय मोबाइल फोन या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रयोग न करें और जल स्रोतों से दूर रहें।

यात्रा और दैनिक जीवन पर प्रभाव
लगातार हो रही बारिश के कारण रेल और सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। कई जगहों पर जलभराव और सड़कों की खराब स्थिति से यात्रियों को असुविधा हो सकती है। किसानों को भी जलभराव और फसल खराब होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

राज्य सरकारों और जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने में देरी न हो। राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों को तेज कर दिया गया है।

मौसम पर नजर और सतर्कता जरूरी
आने वाले दिनों में मानसूनी बारिश का यह दौर जनजीवन पर व्यापक असर डाल सकता है। आईएमडी की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।

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