मध्यप्रदेश में मानसून का कहर: जलमग्न बस्तियां, ओवरफ्लो डैम, भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी
प्रदेश के 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, जानिए कहां हालात सबसे ज्यादा खराब
मऊगंज, हरदा और चित्रकूट में बिगड़े हालात, निचली बस्तियां जलमग्न
देश के कई राज्यों में मानसूनी बारिश का कहर और करिश्मा ….. खेतों में जीवनतो शहरों में जलजमाव …उत्तर भारत में झमाझम बारिश से फसलों को राहत, शहरों में जलभराव की आफत उत्तर भारत में 17 जुलाई को मानसून ने पूरी ताकत के साथ दस्तक दी। उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर में लगातार बारिश देखी गई। उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों—गोरखपुर, देवरिया, बलिया और बनारस—में 24 घंटे के भीतर 100 मिमी से ज्यादा वर्षा दर्ज की गई। इससे धान की बुआई को जबरदस्त रफ्तार मिली है।
पानी-पानी हुआ एमपी
मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मऊगंज की निचली बस्तियों में पानी भर गया है, जिससे घरों में पानी घुसने की खबरें सामने आ रही हैं। चित्रकूट में प्रसिद्ध धार्मिक स्थल गुप्त गोदावरी गुफा में पानी भर गया है और गुफा ओवरफ्लो हो गई है, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही बंद करनी पड़ी।
हरदा में हालात और भी खतरनाक बन गए जब एक पुलिसकर्मी की कार मटकुल नदी में बह गई। पुलिया पर पानी के बावजूद वाहन निकालने की कोशिश की गई, लेकिन बहाव तेज होने के कारण कार झाड़ियों में फंस गई। गनीमत रही कि पुलिसकर्मी समय रहते कूदकर पुलिया की रेलिंग पकड़कर जान बचाने में सफल रहा।
पीथमपुर में निर्माणाधीन दीवार ढही, दो माह की बच्ची की मौत
पीथमपुर में तेज बारिश के कारण एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत की दीवार गिर गई। इस हादसे में दो माह की मासूम बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। राहत कार्य जारी है और घटना ने शहर में हड़कंप मचा दिया है।
डैम ओवरफ्लो, 54 जलाशयों में बढ़ा जलस्तर, कई गेट खोले गए
लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के 54 बड़े जलाशयों में जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच चुका है। जोहिला, बरगी, बाणसागर, सतपुड़ा जैसे प्रमुख डैम ओवरफ्लो होने लगे हैं और कई जगहों पर डैम के गेट खोलने पड़े हैं, जिससे नदियों के किनारे बसे गांवों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है।
जल संसाधन विभाग और NDRF टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके।
भारी बारिश का अलर्ट: ग्वालियर समेत 12 जिलों पर खतरा मंडराया
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने गुरुवार के लिए प्रदेश के 12 जिलों में भारी बारिश का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इनमें शामिल हैं। ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना। इन जिलों में अगले 24 घंटों में 100 मिमी (साढ़े 4 इंच) तक बारिश हो सकती है, जिससे बाढ़, जलभराव और सड़क अवरोध जैसी स्थितियों की आशंका है। वहीं भोपाल और इंदौर जैसे प्रमुख शहरों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।
स्कूलों की छुट्टियां, शहरों में जलजमाव और यातायात प्रभावित
डिंडौरी जिले में कलेक्टर नेहा मारव्या ने आज सरकारी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है, क्योंकि लगातार बारिश से स्कूलों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। जबलपुर और ग्वालियर में बुधवार को मात्र 9 घंटे में 1.1 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। पचमढ़ी, मंडला, दतिया, रतलाम, उज्जैन, दमोह, छतरपुर (खजुराहो), रीवा, सीधी, बालाघाट और शहडोल जिलों में भी मध्यम से भारी बारिश जारी रही, जिससे कई ग्रामीण इलाकों का संपर्क कट गया है।
सतर्कता की अपील
प्रदेश में लगातार बारिश से भूस्खलन, नदियों के उफान, दीवार ढहने और जलभराव की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि पुलियों, जलमग्न सड़कों और डैम किनारे न जाएं, और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें। प्रकाश कुमार पांडेय