मानसून का कहर जारी, दिल्ली-यूपी से बिहार तक भारी बारिश का अलर्ट… कई राज्यों में बाढ़ का खतरा

Monsoon havoc

IMD की चेतावनी…7 अगस्त तक देश के कई हिस्सों में तेज बारिश के आसार

देश के कई कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, गुजरात समेत कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

उत्तर, मध्य, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, केरल और हिमालयी राज्यों में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।

दिल्ली-यूपी से लेकर बिहार तक बारिश का जोर

आईएमडी के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में 2 से 4 अगस्त के बीच कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश में 3 से 7 अगस्त तक मानसून और सक्रिय रहेगा, जबकि पूर्वी यूपी में लगातार कई दिनों तक वर्षा होने की संभावना है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी तेज बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश से जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।

पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भारी बारिश के साथ भूस्खलन का जोखिम बढ़ गया है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत भी अलर्ट पर

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में अगले सप्ताह तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है। वहीं केरल, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में भी तेज बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है।

समुद्र में न जाएं मछुआरे, प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में खराब मौसम को देखते हुए आईएमडी ने गुजरात, केरल, कर्नाटक, लक्षद्वीप और कोंकण-गोवा के तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। ऊंची लहरों और तेज हवाओं के मद्देनजर प्रशासन को भी बाढ़, जलभराव और आपदा प्रबंधन के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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