पहाड़ों पर फिर आयेगा सैलाब: हिमाचल-उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में स्कूल रहेंगे बंद

Monsoon has once again wreaked havoc in the hilly states

हिमाचल-उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में स्कूल रहेंगे बंद

उत्तर भारत के पर्वतीय राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर अपना प्रकोप दिखाने को तैयार है। मौसम विभाग ने दोनों राज्यों में अगले एक हफ्ते तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कई इलाकों में ऑरेंज और येलो अलर्ट लागू किया गया है, वहीं कुछ स्थानों पर रेड अलर्ट की भी संभावना जताई गई है।

हफ्तेभर का मौसम अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 11 अगस्त से लेकर 16 अगस्त तक उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।

13 अगस्त को उत्तराखंड में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है।

15 और 16 अगस्त को हिमाचल प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है।

13-15 अगस्त के बीच जम्मू-कश्मीर में बहुत भारी बारिश हो सकती है।

10-12 और 14-16 अगस्त के दौरान उत्तराखंड में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है।

IMD ने यह भी चेतावनी दी है कि अगले सात दिनों तक पर्वतीय क्षेत्रों में गरज के साथ बिजली गिरने और भूस्खलन की संभावना बनी रहेगी, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

हिमाचल प्रदेश में बिगड़ेंगे हालात
हिमाचल प्रदेश में सोमवार से गुरुवार (11 से 14 अगस्त) तक अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार, भारी बारिश के कारण कुल 360 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं।

इनमें से 212 सड़कें मंडी जिले में और 92 सड़कें कुल्लू जिले में बंद हैं।

औट-सैंज मार्ग पर स्थित NH-305 का एक हिस्सा भी यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।

बारिश से कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा गिरने की घटनाएं हो रही हैं, जिससे ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में आवागमन बाधित है।

प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

उत्तराखंड में स्कूल बंद, सतर्कता के निर्देश
उत्तराखंड में आज (11 अगस्त) बागेश्वर जिले में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट लागू है।

देहरादून, टिहरी, पौड़ी और नैनीताल जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट है।

जिलाधिकारी बागेश्वर ने सोमवार को जनपद के सभी शासकीय, अर्द्धशासकीय, निजी विद्यालयों (कक्षा 1 से 12) और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है।

13 अगस्त को कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने की संभावना है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।

राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है और संवेदनशील क्षेत्रों में SDRF और NDRF की तैनाती की गई है।

संभावित खतरे और सावधानियां
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार हो रही भारी बारिश से भूस्खलन, मलबा गिरना, सड़कें टूटना, नदियों का जलस्तर बढ़ना और बाढ़ जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से नदियों और नालों के किनारे न जाने की अपील की है।

पर्वतीय इलाकों में यात्रा करने वालों को मौसम अपडेट लेते रहने की सलाह दी गई है।

टूरिस्ट डेस्टिनेशन मसूरी, नैनीताल, मनाली और शिमला आने वाले पर्यटकों से कहा गया है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।

आर्थिक और जनजीवन पर असर
भारी बारिश के कारण फसलों को नुकसान का खतरा है, खासकर बागवानी और सब्जी की खेती करने वाले किसानों के लिए यह चुनौतीपूर्ण समय है।

परिवहन सेवाएं प्रभावित होने से पहाड़ी इलाकों में जरूरी सामान की आपूर्ति में भी दिक्कतें आ सकती हैं।

पर्यटन उद्योग, जो इन दिनों रक्षाबंधन और स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रौनक में रहता है, खराब मौसम से प्रभावित हो सकता है।

सरकारी तैयारी और राहत कार्य
दोनों राज्यों के आपदा प्रबंधन विभाग ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

प्रभावित जिलों में राहत शिविर और खाद्य सामग्री भंडारण केंद्र स्थापित किए गए हैं।

भारी मशीनरी और जेसीबी को भूस्खलन प्रभावित मार्गों पर पहले से तैनात किया गया है ताकि सड़कें जल्दी खोली जा सकें।

भारी बारिश के इस दौर में सतर्कता और धैर्य ही सुरक्षा की कुंजी है। मौसम विभाग और प्रशासन की सलाह का पालन कर नागरिक न केवल खुद को सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि आपदाओं के खतरे को भी कम कर सकते हैं। प्रकाश कुमार पांडेय

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