देशभर में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 24 जुलाई को दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र समेत 14 राज्यों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना है। लंबे समय से कई इलाकों में बनी बारिश की कमी अब दूर होती दिख रही है और मानसून पूरे देश में सक्रिय हो गया है।
- देशभर में एक्टिव हुआ मानसून
- दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश के आसार
- UP-बिहार सहित 14 राज्यों में अलर्ट
- गुजरात-असम में बाढ़ जैसे हालात
- IMD ने लोगों को सतर्क रहने को कहा
मौसम विभाग के मुताबिक ताजा सैटेलाइट तस्वीरों में उत्तर भारत से हिमालय होते हुए चीन और दक्षिण कोरिया तक करीब 10,000 किलोमीटर लंबी बादलों की पट्टी दिखाई दे रही है। इसे ‘मॉनसून कन्वर्जेंस जोन’ कहा जा रहा है, जिसके कारण देश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश की अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं।
दिल्ली-NCR में बदलेगा मौसम
राजधानी दिल्ली और एनसीआर में शुक्रवार को दिनभर बादल छाए रहने और कई इलाकों में झमाझम बारिश होने की संभावना है। नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी बारिश का पूर्वानुमान है। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आएगी और उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
IMD ने अगले 48 घंटों के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, त्रिपुरा और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
यूपी-बिहार में नदियां उफान पर
उत्तर प्रदेश और बिहार में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा, यमुना समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 54 जिलों और बिहार के 40 जिलों में शुक्रवार को तेज बारिश की संभावना जताई है। कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है।
गुजरात और असम में बाढ़ की स्थिति
लगातार भारी बारिश के चलते गुजरात और असम के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। दक्षिण गुजरात के उमरगाम क्षेत्र में बीते 16 घंटों में अत्यधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। वहीं असम के कई जिलों, विशेषकर गुवाहाटी और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
क्या है मानसून कन्वर्जेंस जोन?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जब हिंद महासागर से आने वाली नमी और विभिन्न मौसम प्रणालियां एक क्षेत्र में मिलती हैं, तो बादलों की एक लंबी और घनी पट्टी बनती है। इसी स्थिति को मॉनसून कन्वर्जेंस जोन कहा जाता है। यह प्रणाली व्यापक क्षेत्र में लगातार वर्षा के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार करती है।
मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। जलभराव वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों में न रहने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की हिदायत दी गई है। अगले दो दिनों तक देश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।