मानसून की आहट: आंधी, बारिश और उमस के बीच बदल रहा मध्यप्रदेश का मौसम
1. प्री-मानसून गतिविधियों ने बढ़ाई हलचल
मध्यप्रदेश में मानसून आने से पहले ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। प्रदेश के कई जिलों में लगातार प्री-मानसून गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। कहीं तेज हवाएं चल रही हैं तो कहीं अचानक बारिश लोगों को राहत दे रही है। जबलपुर, सीहोर और अन्य क्षेत्रों में हुई बारिश ने गर्मी के तेवर कुछ नरम किए हैं, लेकिन वातावरण में बढ़ी नमी ने उमस की परेशानी भी बढ़ा दी है। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में भी प्रदेश में इसी तरह का मिश्रित मौसम बना रहेगा।
2. 35 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के 35 जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। कई स्थानों पर हवाओं की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। ऐसे हालात में किसानों, यात्रियों और आम नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं के पास खड़े होने से बचने की अपील की गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह गतिविधियां मानसून के तेजी से आगे बढ़ने का संकेत हैं।
3. भोपाल में बारिश के बावजूद उमस का असर
राजधानी भोपाल में रविवार को बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश के बावजूद लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। आर्द्रता का स्तर 81 प्रतिशत तक पहुंच गया, जिससे वातावरण भारी महसूस हुआ। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून पूर्व की परिस्थितियों में बादल, नमी और कमजोर हवाओं के कारण ऐसी स्थिति बनती है। यही वजह है कि बारिश होने के बावजूद गर्मी का असर पूरी तरह खत्म नहीं हो रहा है।
4. समय से पहले दस्तक दे सकता है मानसून
दक्षिण-पश्चिम मानसून इस वर्ष सामान्य गति से अधिक तेजी से आगे बढ़ रहा है। केरल में प्रवेश करने के बाद यह कर्नाटक, तमिलनाडु और गोवा तक पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि इसकी रफ्तार बनी रही तो मध्यप्रदेश में मानसून 20 जून से पहले दस्तक दे सकता है। इससे किसानों को खरीफ फसलों की तैयारी में मदद मिलेगी और लंबे समय से पड़ रही गर्मी से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
5. बारिश के साथ हीटवेव का भी खतरा
मौसम का यह दौर विरोधाभासी भी है। जहां प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है, वहीं कुछ क्षेत्रों में हीटवेव की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग ने 9 और 10 जून को उत्तर मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में लू चलने की संभावना जताई है। विशेषज्ञों के अनुसार ‘हीट डोम’ जैसी परिस्थितियां गर्म हवा को एक क्षेत्र में रोककर रखती हैं, जिससे तापमान बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को बारिश और गर्मी दोनों के प्रभावों से बचाव के लिए सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
मध्यप्रदेश में मौसम फिलहाल कई रंग दिखा रहा है। कहीं राहत की फुहार है तो कहीं उमस और गर्मी की मार। लेकिन एक बात तय है कि मानसून की आहट अब साफ सुनाई देने लगी है और प्रदेश जल्द ही बारिश के नए दौर का स्वागत करने के लिए तैयार है।