भारत में मानसून और बरसात की स्थिति: 25 सितंबर 2025, गुरुवार
भारत में इस साल मानसून का स्वरूप सामान्य से थोड़ा अलग रहा है। सितंबर माह के अंतिम सप्ताह में भी देश के कई हिस्सों में सक्रियता बनी हुई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के आंकड़े बताते हैं कि वर्षा का स्तर सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया है। आइए विस्तार से समझते हैं कि देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का हाल और बारिश की स्थिति कैसी है।
मानसून की सामान्य प्रवृत्ति
सितंबर 2025 में वर्षा सामान्य से कुछ अधिक दर्ज होने का अनुमान लगाया गया है। रॉयटर्स और न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बढ़त लगभग 109% तक पहुँच सकती है। यानी सामान्य से करीब 9% अधिक वर्षा।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया है कि जून से सितंबर के बीच देशभर में कुल वर्षा सामान्य से +8% अधिक दर्ज की गई है। यह इस बात का संकेत है कि मानसून ने इस वर्ष अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया है।
हालाँकि, अभी भी देश के कुछ हिस्सों में मानसून पूरी तरह से पीछे नहीं हटा है। IMD के मुताबिक, मानसून की वापसी की प्रक्रिया चालू है, लेकिन पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों में इसका असर अब भी बना हुआ है।
राज्यों एवं क्षेत्रीय रुझान
देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश की स्थिति अलग-अलग है। आइए क्षेत्रों के हिसाब से इसका विश्लेषण करें तो पूर्व एवं मध्य भारत में ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश
यहां हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। ओडिशा में 23 से 26 सितंबर तक बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
पश्चिम भारत
महाराष्ट्र, गुजरात, कोंकण, गोवा में कई जगहों पर बारिश दर्ज की गई है। विशेषकर कोंकण और गोवा में 25 से 29 सितंबर तक अत्यंत भारी वर्षा की आशंका जताई गई है।
दक्षिण भारत
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भारी वर्षा की संभावना। कर्नाटक के पश्चिमी हिस्सों में हल्की बारिश के संकेत। गरज-चमक के साथ बौछारें भी देखने को मिल सकती हैं।
उत्तर भारत
उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली उत्तर भारत में मानसून अब लगभग विदाई की ओर है। दिल्ली में 24 सितंबर को आधिकारिक रूप से मानसून की वापसी दर्ज की गई। आज दिल्ली का मौसम शुष्क ही रहेगा, हालांकि कुछ जगहों पर हल्की बौछार संभव है।
उत्तर-पूर्व भारत
असम, मेघालय, त्रिपुरा, नगालैंड आदि में यहा हल्की से मध्यम बारिश जारी है। कभी-कभी कुछ इलाकों में अधिक वर्षा भी हो सकती है।लेकिन संपूर्ण क्षेत्र में सामान्य से कम वर्षा की प्रवृत्ति बनी हुई है।
विशेष चेतावनी
कोलकाता और पश्चिम बंगाल में कुछ दिन पहले कोलकाता में अभूतपूर्व वर्षा हुई। मात्र 24 घंटे में हुई बारिश के चलते शहर में बाढ़ और जलजमाव की स्थिति पैदा कर दी। इसमें कई लोग हताहत हुए हैं। मध्य प्रदेश (भोपाल क्षेत्र में मानसून पूरी तरह से पीछे नहीं हटा है। यहां अब अब भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। जबकि आंध्र प्रदेश और तटीय इलाक़े में आने वादे दो दिन 26–27 सितंबर के बीच बनने वाले संभावित निम्न दबाव क्षेत्र के चलते भारी बारिश हो सकती है। तटीय ज़िलों में प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
कोंकण और गोवा: 25 से 29 सितंबर तक बहुत भारी वर्षा की चेतावनी। यहाँ बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। मध्य भारत (विदर्भ, मराठवाड़ा) में 27 सितंबर तक मध्यम से अधिक बारिश की संभावना। इससे खरीफ फसलों को राहत भी मिलेगी, लेकिन कहीं-कहीं नुकसान की आशंका से इनकार नहीं। सितंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में मानसून अभी भी देश के कई हिस्सों में सक्रिय है। जबकि उत्तर भारत के मैदानों से इसकी वापसी शुरू हो चुकी है, पूर्व, मध्य और दक्षिण भारत में बारिश का असर बना हुआ है। इस वर्ष मानसून ने सामान्य से अधिक वर्षा दी है, जिससे कृषि क्षेत्र को लाभ मिला है। लेकिन पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र-गोवा जैसे क्षेत्रों में भारी बारिश से बाढ़ और जलजमाव की स्थिति भी उत्पन्न हुई है। आने वाले दिनों में विशेष रूप से आंध्र प्रदेश, ओडिशा, कोंकण और गोवा में भारी से अत्यंत भारी वर्षा की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। मानसून का यह अंतिम चरण राहत और चुनौती दोनों लेकर आया है। (प्रकाश कुमार पांडेय)