मध्यप्रदेश में मानसून सक्रिय रहने के बावजूद तापमान और उमस दोनों का असर देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विभाग IMD के आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया।
पूर्वी मध्यप्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान नौगांव में 40.4°C दर्ज किया गया। इसके बाद दमोह 39.2°C, टीकमगढ़ 39.0°C और रीवा 38.6°C रहे। वहीं छिंदवाड़ा अपेक्षाकृत ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 32.1°C दर्ज हुआ। न्यूनतम तापमान सबसे कम दमोह में 21.4°C रहा। बारिश की बात करें तो छिंदवाड़ा में 35.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि नरसिंहपुर 6.0 मिमी और मालंजखंड 6.4 मिमी के साथ उल्लेखनीय रहे।
पश्चिमी मध्यप्रदेश में ग्वालियर 40.2°C के साथ सबसे गर्म शहर रहा। इसके अलावा श्योपुर 39.4°C, दतिया 39.2°C और गुना 38.6°C दर्ज किए गए। भोपाल में अधिकतम तापमान 34.6°C रहा, लेकिन यहां 33.2 मिमी बारिश ने मौसम को राहत दी। सबसे अधिक वर्षा शिवपुरी में 61 मिमी दर्ज की गई। इसके अलावा उज्जैन में 17 मिमी, राजगढ़ में 7 मिमी और ग्वालियर में 3.6 मिमी वर्षा हुई।
ग्वालियर — 40.2°C
पूर्वी क्षेत्र में नौगांव 40.4°C के साथ सबसे गर्म रहा।
शिवपुरी — 61 मिमी
भोपाल में 33.2 मिमी और छिंदवाड़ा में 35.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
नमी और उमस ने बढ़ाई परेशानी
आंकड़ों के अनुसार कई जिलों में सुबह की सापेक्षिक आर्द्रता 80 से 90 प्रतिशत तक रही। भोपाल में सुबह 86% और शाम 65%, छिंदवाड़ा में 86% तथा मंडला में 80% आर्द्रता दर्ज की गई। अधिक नमी के कारण बारिश के बाद भी लोगों को उमस से पूरी राहत नहीं मिल सकी।
मौसम विभाग का संकेत
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां बनी हुई हैं। अगले 24 घंटों में पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी जिलों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश हो सकती है, जबकि ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र में तापमान ऊंचा बना रह सकता है। किसानों को खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था बनाए रखने और तेज बारिश की स्थिति में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश में मानसून ने दस्तक तो मजबूत दी है, लेकिन कई हिस्सों में गर्मी और उमस अभी भी लोगों की परीक्षा ले रही है। जहां शिवपुरी, भोपाल और छिंदवाड़ा जैसे जिलों में बारिश से राहत मिली, वहीं ग्वालियर, नौगांव और दतिया में 39-40 डिग्री के तापमान ने मौसम को तपता बनाए रखा।