बड़ा दिल दिखाते हुए 50 हजार की गड्डी वापस कर दें… BJP प्रदेश अध्यक्ष के कार्यक्रम में गायब हुआ पैसा, मची अफरा-तफरी

बड़ा दिल दिखाते हुए 50 हजार की गड्डी वापस कर दें… BJP प्रदेश अध्यक्ष के कार्यक्रम में गायब हुआ पैसा, मची अफरा-तफरी

गाजियाबाद में उत्तर प्रदेश भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के पहले दौरे के दौरान उस समय असहज स्थिति बन गई। जब स्वागत कार्यक्रम के बीच एक भाजपा पदाधिकारी की जेब से 50 हजार रुपये की गड्डी गायब हो गई। यह घटना एनएच-09 पर डासना के पास इन्मेंटेक कॉलेज के नजदीक आयोजित भव्य स्वागत समारोह के दौरान हुई। जहां भारी भीड़ और उत्साह के बीच अचानक हड़कंप मच गया।

उत्तरप्रदेश बीजेपी अध्यक्ष के पहले गाजियाबाद दौरे को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं में खासा जोश देखने को मिल रहा था। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए थे, सड़कों पर पोस्टर-बैनर लगे थे और ढोल-नगाड़ों के साथ कार्यकर्ता अपने नेता के स्वागत में जुटे थे। एनएच-09 पर बनाए गए स्वागत मंच पर बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद थे। इसी दौरान भाजपा के मंडल महामंत्री माधव कुमार की जेब से 50 हजार रुपये की गड्डी गायब होने की खबर सामने आई।

बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान मंच और उसके आसपास जबरदस्त भीड़ थी। प्रदेश अध्यक्ष के आगमन से पहले और बाद में लगातार कार्यकर्ता मंच के पास आ-जा रहे थे, किसी को माला पहनानी थी तो कोई फोटो खिंचवाने की कोशिश कर रहा था। इसी धक्का-मुक्की और भीड़भाड़ के बीच माधव कुमार को खुद भी यह अंदाजा नहीं लग पाया कि उनकी जेब से पैसे कब निकल गए।

जब उन्होंने कुछ देर बाद अपनी जेब चेक की तो 50 हजार रुपये गायब थे। शुरुआत में उन्होंने आसपास तलाश करने की कोशिश की और कुछ परिचित कार्यकर्ताओं से भी पूछा, लेकिन जब पैसे नहीं मिले तो उन्होंने मंच पर मौजूद वरिष्ठ नेताओं को इसकी जानकारी दी। यह सूचना मिलते ही मंच पर कुछ देर के लिए हलचल मच गई।

कार्यक्रम स्थल पर पहले से ही ट्रैफिक और भीड़ की वजह से स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई थी। एनएच-09 पर वाहनों की लंबी कतारें लगी थीं और पुलिस-प्रशासन भीड़ को संभालने में जुटा था। ऐसे में पैसे गायब होने की खबर ने पार्टी नेताओं की चिंता बढ़ा दी, क्योंकि यह मामला सार्वजनिक रूप ले सकता था और कार्यक्रम की गरिमा पर असर पड़ सकता था।

स्थिति को संभालते हुए भाजपा किसान मोर्चा के महानगर अध्यक्ष पंकज भारद्वाज ने माइक संभाला और मंच से भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत का है और सभी कार्यकर्ता एक परिवार की तरह हैं। उन्होंने मंच से कहा, “अगर किसी कार्यकर्ता भाई को ये 50 हजार रुपये मिले हों तो बड़ा दिल दिखाते हुए कृपया पैसे वापस कर दें। इससे पार्टी की छवि भी बनी रहेगी और किसी का नुकसान भी नहीं होगा।”

मंच से की गई इस अपील के बाद कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया। कार्यक्रम में मौजूद कई कार्यकर्ता एक-दूसरे की ओर देखने लगे। कुछ लोगों ने आसपास फिर से तलाश शुरू की। मंच के पीछे, कुर्सियों के नीचे, स्वागत पंडाल के आसपास और यहां तक कि सड़क किनारे भी नजर दौड़ाई गई, लेकिन पैसे का कोई सुराग नहीं मिला।

सूत्रों के मुताबिक, माधव कुमार ने बताया कि वे कार्यक्रम से पहले किसी संगठनात्मक काम के लिए 50 हजार रुपये अपने साथ लाए थे। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि इतनी भीड़ में जेब से पैसे निकल सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह रकम पार्टी या किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि कार्यक्रम से जुड़े जरूरी खर्चों के लिए थी।

इस घटना के बाद कुछ कार्यकर्ताओं ने आपसी चर्चा में भीड़ प्रबंधन को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना था कि इतने बड़े कार्यक्रम में जेबकतरी या सामान गायब होने की आशंका रहती है, इसलिए सतर्कता जरूरी है। वहीं कुछ कार्यकर्ताओं ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए उम्मीद जताई कि जिसने भी पैसे उठाए हों, वह मंच से की गई अपील पर जरूर गौर करेगा।

कार्यक्रम के दौरान हालांकि प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का स्वागत और संबोधन तय कार्यक्रम के अनुसार ही हुआ। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन की मजबूती, आगामी चुनावी रणनीति और सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया। मंच से उन्होंने इस घटना पर कोई सीधा बयान नहीं दिया, लेकिन नेताओं का फोकस कार्यक्रम को सकारात्मक माहौल में आगे बढ़ाने पर रहा।

कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भी देर तक यह चर्चा चलती रही कि पैसे वापस मिलेंगे या नहीं। कुछ वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने अंदरखाने बातचीत में कहा कि पार्टी कार्यक्रमों में इस तरह की घटनाएं संगठन के लिए सबक हैं और भविष्य में सुरक्षा व व्यवस्था पर और ध्यान देने की जरूरत है।

फिलहाल समाचार लिखे जाने तक 50 हजार रुपये की गड्डी वापस नहीं मिल सकी थी। पार्टी की ओर से इस मामले में किसी पुलिस शिकायत की पुष्टि नहीं की गई है। मंच से की गई भावुक अपील के बाद सभी की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या कोई “बड़ा दिल” दिखाते हुए पैसे लौटाता है या यह मामला सिर्फ चर्चा बनकर रह जाएगा। कुल मिलाकर, प्रदेश अध्यक्ष के पहले दौरे का जो उत्सव यादगार बनना था, उस पर इस घटना ने कुछ देर के लिए साया जरूर डाल दिया, लेकिन पार्टी नेताओं ने हालात संभालते हुए कार्यक्रम को बिना किसी बड़े विवाद के संपन्न कराया।

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