Mojtaba as new supreme leader: ईरान में सत्ता परिवर्तन के बीच युद्ध तेज, मोजतबा खामेनेई बने नए सुप्रीम लीडर; तेल 100 डॉलर पार

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच ईरान में बड़ा राजनीतिक बदलाव सामने आया है। सोमवार को ईरान ने मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर घोषित किया, जो अपने पिता अली खामेनेई की जगह संभालेंगे। यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष ने वैश्विक बाजारों को हिला दिया है और तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं।

विशेषज्ञों की परिषद के फैसले से सत्ता संभालने वाले तीसरे सर्वोच्च नेता बने मोजतबा खामेनेई

ईरान की 88 सदस्यीय असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने मतदान के बाद आधिकारिक बयान जारी कर मोजतबा खामेनेई को इस्लामिक गणराज्य का तीसरा सर्वोच्च नेता घोषित किया। यह पद ईरान में सबसे शक्तिशाली माना जाता है, जहां विदेश नीति से लेकर सैन्य रणनीति तक सभी अहम फैसलों पर अंतिम अधिकार सुप्रीम लीडर के पास होता है। मोजतबा लंबे समय से सुरक्षा प्रतिष्ठान और आर्थिक नेटवर्क में प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे हैं।

अमेरिका और इजरायल की प्रतिक्रिया तथा वैश्विक राजनीतिक असर पर नजरें टिकीं

मोजतबा की नियुक्ति को लेकर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया भी तेज रही। डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कहा था कि चयन प्रक्रिया में वॉशिंगटन की राय अहम होनी चाहिए। वहीं इजरायल ने भी पहले चेतावनी दी थी कि नए नेता को निशाना बनाया जा सकता है। हालांकि नियुक्ति के बाद ट्रंप ने सिर्फ इतना कहा कि आगे की स्थिति देखी जाएगी, जबकि बेंजामिन नेतन्याहू ने संघर्ष जारी रखने का संकेत दिया।

युद्ध के विस्तार से तेल बाजार में उछाल और वैश्विक वित्तीय बाजारों में हलचल

संघर्ष बढ़ने के साथ तेल बाजार में तेज उछाल देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड 17% बढ़कर 108.73 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि अमेरिकी कच्चे तेल में शुरुआती कारोबार में 20% से अधिक तेजी आई। होर्मुज जलडमरूमध्य से सप्लाई बाधित होने की आशंका ने कीमतों को और ऊपर धकेला। इसके असर से एशियाई बाजारों में शेयर वायदा गिरा और डॉलर यूरो व येन के मुकाबले मजबूत हुआ।

मानवीय नुकसान, कूटनीतिक तनाव और सैन्य टकराव ने बढ़ाई चिंता

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधि के मुताबिक, अमेरिकी-इजरायली हमलों में अब तक कम से कम 1,332 नागरिकों की मौत हुई और हजारों घायल हुए हैं। अमेरिकी सेना ने भी ईरानी जवाबी हमलों में सातवें सैनिक की मौत की पुष्टि की। सुरक्षा कारणों से अमेरिका ने सऊदी अरब समेत कई खाड़ी देशों में अपने गैर-जरूरी कर्मचारियों को हटाने का आदेश दिया है।

तेहरान का रुख सख्त, नए नेतृत्व को सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड का समर्थन

ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, सशस्त्र बलों और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने नए सुप्रीम लीडर के प्रति निष्ठा जताई है। सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी ने कहा कि मौजूदा संवेदनशील हालात में देश को एकजुट रहना होगा। वहीं विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बड़े पैमाने पर हमलों को संघर्ष का खतरनाक चरण बताया और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया।

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