मोहन सरकार के दो वर्ष पूरे: 13 और 14 दिसंबर को भोपाल–इंदौर में होंगे विशेष कार्यक्रम..रिपोर्ट कार्ड पेश करेगी सरकार
भोपाल। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार अपने दो वर्ष पूर्ण करने जा रही है। इस अवसर पर राज्य सरकार 13 दिसंबर को राजधानी भोपाल और 14 दिसंबर को वाणिज्यिक राजधानी इंदौर में भव्य और विशेष कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। इन कार्यक्रमों में प्रदेश के विकास कार्यों की समीक्षा, उपलब्धियों की प्रस्तुति और भविष्य की प्राथमिकताओं का खाका साझा किया जाएगा। सरकार के दो साल पूरे होने को मुख्यमंत्री ने “जनभागीदारी के साथ सुशासन का सफर” बताया है।
गरीब, किसान, युवा और नारी सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जानकारी दी कि सरकार बनने के बाद से ही गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उनका कहना है कि इन दो वर्षों में सबसे बड़ा फोकस यह रहा है कि योजनाएँ केवल कागज़ों तक सीमित न रहें, बल्कि इनके लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुँचें। सीएम के अनुसार, गरीब कल्याण की योजनाएँ, पीएम आवास के वितरण, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय तेजी आई है। किसानों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि सिंचाई के क्षेत्रफल को दोगुना करने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। “जल–गंगा संवर्धन अभियान” के तहत जल संरक्षण, नदियों के पुनर्जीवन और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर चेक डैम, स्टॉप डैम और बांध निर्माण का कार्य जारी है। सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए कई नई परियोजनाएँ स्वीकृत की गई हैं जो आने वाले वर्षों में कृषि उत्पादन को नई ऊँचाइयाँ देंगी।
उद्योगों में रिकॉर्ड ग्रोथ, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दावा किया कि मध्यप्रदेश की इंडस्ट्रियल ग्रोथ रेट देश में सबसे अधिक है। राज्य में निवेश बढ़ाने और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बीते दो वर्षों में अनेक बड़े कदम उठाए गए हैं। औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार किया गया है और निवेशकों को तेज़ी से मंजूरी देने के लिए ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ प्रभावी बनाया गया है।
सरकार का मानना है कि उद्योगों के विस्तार से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। हाल ही में प्रदेश के अलग-अलग शहरों में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट और रीजनल कॉन्क्लेव में हजारों करोड़ के एमओयू साइन किए गए हैं। सरकार ने इन्हें ज़मीन पर उतारने के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाया है। आगामी दिनों में इन उद्योगों में भर्ती और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों का दायरा बढ़ाया जाएगा।
गलती नहीं होगी बर्दाश्त
सीएम डॉ.यादव का सख्त संदेश है, सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री ने सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा “अच्छे कार्यों में हम हमेशा साथ खड़े हैं, लेकिन यदि कहीं गलत होता पाया गया तो उसे किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह संदेश स्पष्ट रूप से प्रशासनिक तंत्र के लिए है कि भ्रष्टाचार, लापरवाही या जनता से जुड़े कार्यों में ढिलाई पर सरकार सख्त है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन के लिए पारदर्शी प्रशासन, जवाबदेही और समय पर योजनाओं का क्रियान्वयन आवश्यक है। इसी उद्देश्य से शासन को तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जा रहा है और शिकायत निवारण तंत्र को और मजबूत किया गया है।
नक्सलवाद पर बड़ी सफलता, बालाघाट में सबसे बड़ा सरेंडर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश ने नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बालाघाट क्षेत्र में हाल ही में नक्सलियों का अब तक का सबसे बड़ा सामूहिक आत्मसमर्पण कराया गया, जिसे सुरक्षा एजेंसियों और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों की बड़ी सफलता बताया जा रहा है। सीएम ने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है, और आने वाले समय में मध्यप्रदेश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। सुरक्षा तंत्र को आधुनिक बनाया जा रहा है और प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेज किया गया है ताकि लोग मुख्यधारा से जुड़ सकें।
13–14 दिसंबर को सरकार रिपोर्ट कार्ड पेश करेगी
दो वर्ष पूरे होने पर आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में सरकार अपनी उपलब्धियाँ जनता के सामने रखेगी। भोपाल के कार्यक्रम में मंत्रालय से लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और आमजन शामिल होंगे। इंडौर का कार्यक्रम अधिक जनसमर्थन और औद्योगिक उपलब्धियों की प्रस्तुति के लिए तैयार किया जा रहा है। कार्यक्रम में राज्य की प्रमुख योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट, भविष्य की महत्वाकांक्षी परियोजनाएँ और शासन की नई कार्ययोजनाएँ भी प्रस्तुत होंगी।
तय होंगी सरकार की प्राथमिकताएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में सरकार का फोकस होगा। सिंचाई क्षमता का और विस्तार। उद्योगों में निवेश दोगुना करना। युवाओं को अधिक रोजगार देना। महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण। जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार। ग्रामीण–शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना। उन्होंने कहा कि दो वर्षों की उपलब्धियाँ सिर्फ शुरुआत हैं और आने वाला समय मध्यप्रदेश को “सुशासन और विकास का मॉडल राज्य” बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा।