लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। हाल ही में भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष बनाई गईं विधायक पूजा पाल ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के उस सवाल का जवाब दिया है, जिसमें उन्होंने पूछा था कि भाजपा में शामिल होकर उन्हें क्या मिला। सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए पूजा पाल ने कहा कि उन्हें गर्व है कि वह पाल समाज की बेटी और भाजपा की कार्यकर्ता हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा में किसी भी वर्ग का व्यक्ति अपनी क्षमता के आधार पर विधायक, सांसद, मंत्री, मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री तक बन सकता है।
पूजा पाल ने अपने बयान में सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी में सीमित परिवारों और कुछ नेताओं के अलावा अन्य लोगों के लिए अवसर नहीं हैं। उनके बयान में पिछड़ा वर्ग की राजनीति का भी स्पष्ट संदेश दिखाई दिया, क्योंकि उन्होंने बार-बार पाल समाज का उल्लेख करते हुए सामाजिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाया।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले अखिलेश यादव ने कहा था कि पाल समाज के बड़े नेता उनके साथ हैं और पूजा पाल को लेकर टिप्पणी की थी। इसके जवाब में में बीजेपी की ओर से भी सपा से पार्टी में शामिल होने वाली पूजा पाल को तबज्जो देते हुए विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। राजनीतिक जानकारों की माने तो 2027 के चुनाव से पहले ओबीसी और गैर-यादव





