देशभर में मानसून का कहर एक बार फिर चरम पर है। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। साथ ही उत्तराखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में भी अगले कुछ दिनों तक मूसलधार बारिश का अनुमान जताया गया है। बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है, जबकि पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड और नदियों में बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
देश के कई राज्यों में भारी बारिश का कहर जारी
केदारनाथ यात्रा रुकी
MP-गुजरात-राजस्थान में रेड अलर्ट कियर जारी
मध्यप्रदेश और गुजरात के साथ राजस्थान में भारी बारिश का रेड अलर्ट
गौरीकुंड में लैंडस्लाइड
बंद हुआ केदारनाथ रूट
खतरे के निशान पर ओडिशा की बैतरणी नदी
राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात में रेड अलर्ट जारी
उत्तराखंड-हिमाचल समेत कई राज्यों में बारिश होगी भारी
पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश
गुजरात में भारी बारिश का रेड अलर्ट
उत्तराखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश
सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र
कोंकण-गोवा, कर्नाटक, केरल
असम, मेघालय, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश
मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार, आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। इससे देश के विभिन्न हिस्सों में स्थिति और बिगड़ सकती है। सरकारों ने स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन दलों को तैनात कर दिया है और राहत-बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं।
मानसून की मार खेत और किसान पर पर
मानसून की इस भारी मार से जहां एक ओर कृषि को लाभ मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर लोगों की जिंदगी पर संकट मंडरा रहा है। प्रशासन को हर मोर्चे पर सतर्कता बरतनी पड़ रही है और आम जनता से अपील की जा रही है कि वे मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। इससे पहले शनिवार रात उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में हुई भारी बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। गौरीकुंड के पास पहाड़ से भारी पत्थर और मलबा गिरने से मुख्य मार्ग बंद हो गया है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से 1600 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, लेकिन अब भी 700 से अधिक यात्री गौरीकुंड के आसपास फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने का काम रविवार को भी जारी रहा।
इसी के साथ मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और गुजरात के कई जिलों में रविवार के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है। इन क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश ने निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा कर दी है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और बिना जरूरत के घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
इधर, ओडिशा में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिलों में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है। जलाका, बैतरणी और सुवर्णरेखा नदियों में जलस्तर में तेजी से वृद्धि देखी गई है। सरकार ने निचले इलाकों से लोगों को निकालने का निर्देश दे दिया है और अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
दक्षिण भारत के राज्यों में भी बारिश ने कहर बरपाया है। केरल में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। साथ ही समुद्र में तेज हवाओं और अशांत स्थिति के कारण मछुआरों को 30 जुलाई तक केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप के तटों पर मछली पकड़ने से रोक दिया गया है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार आज रविवार को हवाओं की गति 50-60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी जिलों में चेतावनी
हिमाचल प्रदेश के चार जिलों – चंबा, कांगड़ा, मंडी और कुल्लू – में 29 जुलाई तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है, जिससे भूस्खलन और बाढ़ जैसी घटनाएं हो सकती हैं। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और निवासियों को सतर्क रहने की अपील की है। हिमाचल के चंबा, कांगड़ा, मंडी और कुल्लू जिलों में 29 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। भूस्खलन और नदियों के उफान की आशंका को देखते हुए प्रशासन सतर्क है।
पूर्वोत्तर राज्यों – असम, मेघालय, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश – में भी भारी बारिश जारी है। यहां भी नदियों का जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन की घटनाओं से लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ओडिशा: नदियों का जलस्तर बढ़ा
ओडिशा सरकार ने बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिलों के प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा है। जलाका और बैतरणी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। निचले इलाकों से लोगों को हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
उत्तराखंड: केदारनाथ यात्रा बाधित
शनिवार को रुद्रप्रयाग में रातभर हुई बारिश के कारण गौरीकुंड से केदारनाथ मार्ग अवरुद्ध हो गया। पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर गिरने की वजह से रास्ता बंद हो गया। प्रशासन ने 1600 से ज्यादा तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया है, जबकि अब भी 700 यात्रियों को रेस्क्यू किया जा रहा है
केरल: समुद्री तूफान और मछली पकड़ने पर रोक
केरल में अगले 5 दिन तक भारी बारिश की संभावना है। समुद्र में 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
देशभर में मानसून की सक्रियता तेज हो रही है। कई राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन और नागरिकों को सावधानी बरतने और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। यात्रियों और तटीय इलाकों में रहने वालों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। प्रकाश कुमार पांडेय





