MP में सड़कों का मेगा प्लान: सिंहस्थ से औद्योगिक कनेक्टिविटी तक…मध्य प्रदेश में सड़क परियोजनाओं को रफ्तार देने की तैयारी

Mega road plan for MP From Simhastha to industrial connectivity preparations underway to accelerate road projects in Madhya Pradesh

MP में सड़कों का मेगा प्लान: सिंहस्थ से औद्योगिक कनेक्टिविटी तक

मध्य प्रदेश में सड़क परियोजनाओं को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री निवास पर हुई बैठक में सिंहस्थ 2028, धार्मिक पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों और प्रदेश की अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी से जुड़ी परियोजनाओं को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए। सरकार के मुताबिक सड़क नेटवर्क का विस्तार प्रदेश की अर्थव्यवस्था और पर्यटन दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

सिंहस्थ से पहले उज्जैन कनेक्टिविटी पर फोकस

सिंहस्थ 2028 को देखते हुए उज्जैन से जुड़ने वाली सड़क परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका सीधा संबंध आने वाले बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही को सुगम बनाने से है।

उज्जैन को प्रदेश के दूसरे प्रमुख शहरों और धार्मिक स्थलों से जोड़ने वाली सड़कों की समय पर पूर्णता अब सरकार की प्राथमिकताओं में दिखाई दे रही है।

शहपुरा टोल पर बड़ी राहत

जबलपुर के शहपुरा आरओबी के क्षतिग्रस्त होने से प्रभावित आवागमन को देखते हुए शहपुरा टोल प्लाजा पर टोल वसूली स्थगित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य प्रभावित मार्ग के यात्रियों को तत्काल राहत देना है।

यह फैसला सड़क परियोजनाओं के निर्माण के साथ स्थानीय लोगों की व्यावहारिक परेशानियों को भी समीक्षा का हिस्सा बनाए जाने का संकेत देता है।

अटल एक्सप्रेस-वे का बटेश्वर तक विस्तार

बैठक में अटल एक्सप्रेस-वे को बटेश्वर से जोड़ने की बात भी सामने आई। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बटेश्वर से विशेष संबंध का उल्लेख करते हुए इसे बटेश्वर तक जोड़ने के निर्देश दिए।

यह परियोजना मध्य प्रदेश के साथ उत्तर प्रदेश की सड़क कनेक्टिविटी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।

कान्हा की कनेक्टिविटी पर नजर

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान को नागपुर, जबलपुर और रायपुर से बेहतर सड़क कनेक्टिविटी देने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पर्यटन के साथ आसपास के क्षेत्रों की आवाजाही को भी बेहतर करने का लक्ष्य है।

बालाघाट जिले में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए भी अलग कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

कई बड़े प्रोजेक्ट समीक्षा के केंद्र में

बैठक में देवास जिले के संदलपुर-नसरुल्लागंज बायपास, उज्जैन-झालाबाड़ फोरलेन, सतना-चित्रकूट फोरलेन, जबलपुर-लखनादौन-रायपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे और लौनी-बुरहानपुर लिंक जैसी परियोजनाओं पर चर्चा हुई।

समीक्षा में भूमि अधिग्रहण और वन स्वीकृति से जुड़े मामलों को समयबद्ध तरीके से सुलझाने पर भी जोर दिया गया। केंद्रीय मंत्री ने सड़क निर्माण में गुणवत्ता और सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

सड़क सिर्फ सफर नहीं, विकास का नेटवर्क

मध्य प्रदेश में सड़क परियोजनाओं का यह विस्तार सिर्फ आवागमन तक सीमित नहीं है। उज्जैन के लिए धार्मिक पर्यटन, कान्हा के लिए पर्यटन कनेक्टिविटी, औद्योगिक क्षेत्रों के लिए माल परिवहन और पड़ोसी राज्यों से बेहतर संपर्क जैसे कई आयाम इससे जुड़े हैं।

अब चुनौती इन परियोजनाओं की समय पर मंजूरी, भूमि और वन संबंधी बाधाओं के समाधान तथा गुणवत्ता के साथ निर्माण पूरा करने की होगी। सिंहस्थ 2028 की समयसीमा को देखते हुए उज्जैन से जुड़ी परियोजनाओं पर खास नजर रहेगी।

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