बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में एक बार फिर बड़ा संगठनात्मक बदलाव हुआ है। पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को दोबारा बसपा में शामिल करते हुए राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंप दी है। यह फैसला आकाश आनंद की उस सार्वजनिक अपील के कुछ ही दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने मायावती को अपनी राजनीतिक गुरु बताते हुए माफी मांगी थी और पार्टी में दोबारा काम करने का अवसर देने की मांग की थी। मायावती ने कहा कि काफी विचार-विमर्श के बाद संगठन और आंदोलन के हित में आकाश को एक और मौका दिया गया है।
मायावती ने आकाश आनंद को दोबारा जिम्मेदारी देते हुए संगठन में स्थिरता की उम्मीद जताई
मायावती के मुताबिक आकाश आनंद को पार्टी में फिर से काम करने का अवसर उनकी कार्यशैली और संगठन के हित को ध्यान में रखकर दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब पार्टी के भीतर बार-बार बदलाव की जरूरत नहीं पड़ेगी और संगठन सुचारू रूप से आगे बढ़ेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आगे की स्थिति काफी हद तक आकाश आनंद के व्यवहार और काम करने के तरीके पर निर्भर करेगी। आकाश की वापसी ऐसे समय हुई है, जब बसपा उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
आकाश आनंद की वापसी से पहले ससुर अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से दूरी बनाई
आकाश आनंद की पार्टी में वापसी के घटनाक्रम में उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ का मामला भी अहम रहा है। सितंबर में मायावती ने अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर किया था। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की। इसी पूरे विवाद के दौरान आकाश आनंद की भूमिका और उनकी राजनीतिक प्राथमिकताओं को लेकर मायावती ने सवाल उठाए थे। बाद में आकाश ने भी सार्वजनिक रूप से अशोक सिद्धार्थ के खिलाफ पार्टी के फैसले का समर्थन किया और कहा कि संगठन तथा आंदोलन का हित व्यक्तिगत रिश्तों से ऊपर है।
सितंबर में पार्टी से बाहर हुए आकाश ने अक्टूबर में मायावती से सार्वजनिक माफी मांगी
आकाश आनंद को 3 सितंबर को बसपा के राष्ट्रीय संयोजक पद की जिम्मेदारियों से हटाया गया था और 10 सितंबर को उन्हें पार्टी से भी अलग कर दिया गया था। इसके बाद 2 अक्टूबर को आकाश ने सोशल मीडिया के जरिए मायावती से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने मायावती को अपनी राजनीतिक गुरु, प्रेरणा और बुआ मां बताते हुए कहा कि वह उनके नेतृत्व में ही बसपा और उसके मिशन के लिए काम करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि वह किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी में जाने वाले नहीं हैं।
2024 से आकाश आनंद की राजनीति में जिम्मेदारी और बदलाव का सिलसिला जारी रहा
आकाश आनंद को इससे पहले भी बसपा में बड़ी जिम्मेदारी मिली और फिर संगठन से दूर किया गया था। 2024 में लोकसभा चुनाव के दौरान उनके कुछ बयानों और राजनीतिक गतिविधियों के बाद मायावती ने उन्हें राष्ट्रीय संयोजक और उत्तराधिकारी की भूमिका से हटा दिया था। बाद में उनकी पार्टी में वापसी हुई और उन्हें फिर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद एक बार फिर सितंबर 2026 में उन्हें संगठन से बाहर किया गया। अब अक्टूबर में उनकी दोबारा वापसी ने बसपा की अंदरूनी राजनीति और नेतृत्व को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
आकाश की वापसी के बाद बसपा के सामने संगठन मजबूत करने की बड़ी चुनौती
आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने के साथ बसपा में नेतृत्व और संगठन को लेकर चल रही चर्चाओं को फिलहाल नया मोड़ मिला है। पार्टी के लिए आने वाला समय महत्वपूर्ण है, खासकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी स्थिति मजबूत करने की चुनौती को देखते हुए। आकाश के सामने अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी संगठन के भीतर भरोसा कायम करने और मायावती के नेतृत्व में सक्रिय भूमिका निभाने की होगी। वहीं मायावती ने भी साफ संकेत दिया है कि आगे संगठन में स्थिरता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी होगी।





