Mayawati का बड़ा फैसला: अब सार्वजनिक स्थानों पर जयंती–पुण्यतिथि पर नहीं जाएंगी

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती अपने अचानक लिए गए बड़े फैसलों के लिए जानी जाती हैं। इस बार भी उन्होंने ऐसा ही कदम उठाया है। बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक महत्वपूर्ण घोषणा की। मायावती ने अपनी पोस्ट में बसपा सरकार के कार्यकाल को याद करते हुए लिखा कि उनकी सरकार के दौरान बहुजन समाज के सभी महापुरुषों— महात्मा ज्योतिबा फुले, छत्रपति शाहूजी महाराज, श्री नारायण गुरु, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और मान्यवर कांशीराम जी— को सम्मानपूर्वक याद किया जाता रहा है। उन्होंने आगे बताया कि अब उन्होंने निर्णय लिया है कि किसी भी महापुरुष की जयंती या पुण्यतिथि पर वह सार्वजनिक स्थानों पर स्थित प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित करने नहीं जाएंगी। इसके पीछे की वजह मायावती ने खुद बताई। उन्होंने लिखा कि उनके जाने पर सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर भारी सरकारी तामझाम करना पड़ता है, जिससे आम लोगों को असुविधा होती है और उन्हें मुख्य स्थल से दूर रोकना पड़ता है। इसी परेशानी को देखते हुए उन्होंने तय किया है कि अब वह अपने निवास या पार्टी कार्यालय में ही श्रद्धांजलि देंगी। हालांकि मायावती ने कार्यकर्ताओं से अपील भी की है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को बाबा साहेब अंबेडकर की पुण्यतिथि पर
लखनऊ के परिवर्तन स्थल, और पश्चिम यूपी, दिल्ली व उत्तराखंड के कार्यकर्ता नोएडा के राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल पर अवश्य पहुंचे।

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