कांशीराम का जिक्र कर मायावती ने की सीएम योगी की तारीफ, अखिलेश के रवैये पर उठाए सवाल
कांशीराम पुण्यतिथि पर लखनऊ में भीड़
लखनऊ में बसपा संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि के अवसर पर बीएसपी प्रमुख मायावती ने विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर करारा हमला बोला और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ की। कार्यक्रम में लाखों की भीड़ उमड़ी।
अखिलेश पर बोलीं मायावती तीखी बातें
मायावती ने कहा कि जब समाजवादी पार्टी सत्ता में होती है, तो उन्हें न कांशीराम याद आते हैं और न ही दलित समाज। लेकिन जैसे ही वे सत्ता से बाहर होते हैं, उनका “दलित प्रेम” जाग उठता है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सपा वास्तव में कांशीराम जी का सम्मान करती, तो सत्ता में रहते हुए ऐसा क्यों नहीं किया?
सत्ता से बाहर आते ही याद
बीएसपी सुप्रीमो ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी सत्ता में रहते हुए न तो पीडीए योजना पर ध्यान देते हैं, न दलित हितों पर। लेकिन जैसे ही वे सत्ता से बाहर होते हैं, उन्हें कांशीराम और दलितों का अचानक “प्रेम” याद आ जाता है। जनता को ऐसे दोगलेपन से सावधान रहने की जरूरत है।
योगी सरकार को दिया श्रेय
मायावती ने योगी आदित्यनाथ सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने कांशीराम स्मारक की मरम्मत और रखरखाव के लिए पूरा सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने वह काम किया जो सपा सरकार के समय वर्षों तक अटका रहा था। बसपा प्रमुख ने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
सपा पर लगाया रखरखाव रोकने का आरोप
मायावती ने कहा कि सपा सरकार के कार्यकाल में कांशीराम स्मारक से होने वाली टिकट आय को रोक दिया गया था। स्मारक की देखरेख पर कोई राशि खर्च नहीं की गई। उन्होंने कहा कि इस रवैये से सपा की दलित विरोधी सोच उजागर होती है, जो केवल अवसरवादी राजनीति का हिस्सा है।
कांशीराम नगर का नाम बदलने पर निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अखिलेश सरकार के उस फैसले पर भी सवाल उठाया, जिसमें कांशीराम नगर जिले का नाम बदल दिया गया था। उन्होंने कहा कि बीएसपी सरकार ने कांशीराम जी के सम्मान में जिले का नाम रखा था, लेकिन सपा सरकार ने उसे बदलकर अनादर किया। उन्होंने इसे दलित समाज के सम्मान पर चोट बताया।
श्रद्धांजलि सभा में टूटे रिकॉर्ड
मायावती ने अपने संबोधन में कहा कि इस बार कांशीराम स्मारक पर श्रद्धांजलि देने वालों की संख्या ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। लाखों की संख्या में लोग श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि कांशीराम जी आज भी करोड़ों दलित, वंचित और पिछड़े वर्गों के दिलों में बसते हैं।
योगी सरकार के काम की सराहना
बीएसपी सुप्रीमो ने कहा कि योगी सरकार ने न केवल स्मारक की मरम्मत की अनुमति दी, बल्कि रखरखाव के लिए धन भी उपलब्ध कराया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की इस पहल से यह स्पष्ट है कि सरकार प्रदेश की ऐतिहासिक और सामाजिक विरासत को सम्मान देने में गंभीर है।
सपा की नीतियों पर उठाए सवाल
मायावती ने पूछा कि जब सपा सरकार में सारे संसाधन उपलब्ध थे, तब कांशीराम स्मारक और दलित कल्याण योजनाओं पर काम क्यों नहीं हुआ? उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सिर्फ चुनावी मौसम में ही दलितों की बात करती है। सत्ता में आने के बाद उनके हितों को नज़रअंदाज़ किया जाता है।
‘दोगले नेताओं से सावधान रहें’ अपील
अपने भाषण के अंत में मायावती ने जनता से अपील की कि वे ऐसे नेताओं से सावधान रहें जो सत्ता में रहते हुए दलितों की उपेक्षा करते हैं और सत्ता से बाहर आने पर उनके हितैषी बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि बीएसपी ही वह पार्टी है जो कांशीराम के मिशन को आगे बढ़ा रही है और दलित समाज की सच्ची आवाज़ है। कांशीराम की पुण्यतिथि पर मायावती का यह भाषण सिर्फ श्रद्धांजलि नहीं बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी था। उन्होंने एक ओर योगी सरकार के काम की प्रशंसा कर एक नया राजनीतिक संकेत दिया, तो दूसरी ओर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर हमला कर अपने पारंपरिक वोट बैंक को एकजुट करने की कोशिश की। लखनऊ की यह भीड़ आगामी चुनावी समीकरणों की दिशा तय कर सकती है। ( प्रकाश कुमार पांडेय)