Saturday, March 7, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home शहर और राज्य उत्तर प्रदेश

अकेले लड़ेंगे UP विधानसभा चुनाव’, बसपा सुप्रीमो मायावती का ऐलान मायावती बोलीं—बिना गठबंधन उतरेंगे, अपने दम पर बनाएंगे सरकार

DigitalDesk by DigitalDesk
February 18, 2026
in उत्तर प्रदेश, मुख्य समाचार, राजनीति, लखनऊ, शहर और राज्य, संपादक की पसंद
0
अकेले लड़ेंगे UP विधानसभा चुनाव’, बसपा सुप्रीमो मायावती का ऐलान मायावती बोलीं—बिना गठबंधन उतरेंगे, अपने दम पर बनाएंगे सरकार
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बहुजन समाज पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति साफ कर दी है। पार्टी सुप्रीमो मायावती ने दो टूक कहा है कि BSP आने वाले चुनाव में अकेले मैदान में उतरेगी और किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने गठबंधन को लेकर चल रही तमाम अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने की अपील की है।

मायावती ने कहा कि हाल के दिनों में जानबूझकर ऐसी खबरें फैलाई जा रही हैं, जिनका मकसद पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाना और कार्यकर्ताओं में भ्रम पैदा करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछले अनुभवों से यह बात सामने आई है कि गठबंधन से पार्टी को फायदा नहीं, बल्कि नुकसान हुआ है। इसलिए इस बार BSP किसी भी कीमत पर गठबंधन की राह नहीं अपनाएगी और अपने संगठनात्मक दम पर चुनाव लड़ेगी।

Related posts

Jan Aushadhi Day 2026: सस्ती दवाइयों से करोड़ों लोगों को राहत, 12 साल में 80 से बढ़कर 18,000 तक पहुंचे जन औषधि केंद्र

Jan Aushadhi Day 2026: सस्ती दवाइयों से करोड़ों लोगों को राहत, 12 साल में 80 से बढ़कर 18,000 तक पहुंचे जन औषधि केंद्र

March 7, 2026
Gold-Silver Price Today: हफ्ते के आखिरी दिन सोना-चांदी में तेज उछाल, MCX और ग्लोबल मार्केट दोनों में चमके भाव

Gold Price Outlook: सोना-चांदी में बड़ी गिरावट: 5 दिन में सोना ₹4,440 टूटा, चांदी भी लुढ़की

March 7, 2026

उन्होंने पार्टी कैडर को आगाह करते हुए कहा कि जैसे-जैसे उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 नजदीक आएंगे, विरोधी दल BSP को कमजोर करने के लिए तरह-तरह की साजिशें रचेंगे। ऐसे में हर कार्यकर्ता को अनुशासन, एकजुटता और संगठन की विचारधारा के प्रति पूरी निष्ठा के साथ काम करना होगा।

मायावती ने खास तौर पर समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसी अफवाहों का कोई आधार नहीं है। BSP न तो किसी पार्टी के साथ समझौते की तैयारी में है और न ही भविष्य में इस दिशा में कोई कदम उठाने वाली है। पार्टी का लक्ष्य स्पष्ट है—अपने बलबूते सत्ता तक पहुंचना।

अपने संदेश में उन्होंने अंबेडकरवादी विचारधारा पर जोर देते हुए कहा कि सामाजिक न्याय और आत्मसम्मान की लड़ाई को मजबूत करने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर के आंदोलन को और तेज करना होगा। उन्होंने कहा कि BSP केवल चुनावी दल नहीं, बल्कि एक सामाजिक परिवर्तन का आंदोलन है, जिसे कमजोर करने की कोशिशें पहले भी हुई हैं और आगे भी होंगी।

पार्टी समर्थकों से अपील करते हुए मायावती ने कहा कि वे अफवाहों से दूर रहें, संगठन को मजबूत करें और जमीनी स्तर पर जनता के बीच जाएं। उनका दावा है कि BSP की नीतियां और कार्यशैली ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत हैं और इसी भरोसे के साथ पार्टी 2027 में अकेले चुनाव लड़ेगी और सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

संघर्ष से सत्ता तक का सफर

15 जनवरी 1956 को जन्मीं मायावती भारतीय राजनीति की उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने समाज के हाशिये पर खड़े वर्गों को सत्ता के केंद्र तक पहुंचाने का काम किया। उनका सियासी सफर संघर्ष, संगठन और सामाजिक न्याय की राजनीति का प्रतीक माना जाता है। मायावती का जन्म दिल्ली में एक सामान्य दलित परिवार में हुआ। उनके पिता प्रभुदयाल भारतीय डाक विभाग में कर्मचारी थे। शुरुआती शिक्षा के बाद मायावती ने दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की और कुछ समय तक शिक्षिका के रूप में भी कार्य किया। इसी दौरान उनका संपर्क बहुजन आंदोलन के प्रणेता कांशीराम से हुआ, जिसने उनके जीवन और राजनीतिक दिशा को पूरी तरह बदल दिया।

बहुजन आंदोलन से सियासत में एंट्री

कांशीराम के नेतृत्व में मायावती बहुजन आंदोलन से जुड़ीं और दलित, पिछड़े तथा वंचित वर्गों के अधिकारों की मुखर आवाज बनकर उभरीं। 1984 में बहुजन समाज पार्टी की स्थापना के साथ ही मायावती पार्टी की सबसे मजबूत चेहरों में शामिल हो गईं। उनकी संगठन क्षमता और भाषण शैली ने उन्हें जल्द ही उत्तर प्रदेश की राजनीति में पहचान दिलाई। मायावती पहली बार 1989 में लोकसभा पहुंचीं। इसके बाद 1995 में उन्होंने इतिहास रचते हुए उत्तर प्रदेश की पहली दलित महिला मुख्यमंत्री बनने का गौरव हासिल किया। यह भारतीय राजनीति में एक बड़ा मोड़ माना गया, क्योंकि इससे पहले दलित समाज का सत्ता के शीर्ष तक पहुंचना बेहद कठिन समझा जाता था।

मुख्यमंत्री के रूप में  उपलब्धियां

इसके बाद मायावती 1997, 2002 और 2007 में फिर मुख्यमंत्री बनीं। खासकर 2007 का कार्यकाल उनके सियासी जीवन का सबसे मजबूत दौर माना जाता है, जब बहुजन समाज पार्टी ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई। यह पहली बार था जब किसी दलित नेतृत्व वाली पार्टी ने अपने दम पर उत्तर प्रदेश में सरकार बनाई। मुख्यमंत्री रहते हुए मायावती ने कानून-व्यवस्था पर सख्ती, प्रशासनिक नियंत्रण और सामाजिक संतुलन पर जोर दिया। उन्होंने दलित महापुरुषों और सामाजिक सुधारकों की स्मृति में स्मारकों और पार्कों का निर्माण कराया, जो उनकी पहचान बन गए। हालांकि, इन परियोजनाओं को लेकर विपक्ष ने उन्हें घेरा भी।

बहुजन राजनीति की धुरी मायावती

मायावती की राजनीति का केंद्र हमेशा बहुजन समाज रहा। उन्होंने दलितों के साथ-साथ पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यकों को भी जोड़कर ‘बहुजन’ की अवधारणा को मजबूत किया। “बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय” उनका मूल राजनीतिक मंत्र रहा। समय के साथ मायावती ने कई राजनीतिक उतार-चढ़ाव देखे। सत्ता से बाहर होने के बाद भी उन्होंने पार्टी की कमान अपने हाथ में रखी और राष्ट्रीय राजनीति में अपनी मौजूदगी बनाए रखी। उनकी छवि एक सख्त, अनुशासित और कम बोलने वाली नेता की रही है। आज भी मायावती का नाम उत्तर प्रदेश की राजनीति में खास महत्व रखता है। उनका सियासी सफर यह दिखाता है कि कैसे एक सामान्य पृष्ठभूमि से निकलकर कोई नेता देश की सबसे बड़ी राजनीति का केंद्र बन सकता है। मायावती का जीवन संघर्ष, सत्ता और सामाजिक बदलाव की कहानी है, जो भारतीय लोकतंत्र में दलित सशक्तिकरण की एक अहम मिसाल मानी जाती है।

Post Views: 271
Tags: #Mayawati #BSP #UPAssemblyElection2027 #SoloElection #BahujanSamajParty #UPPolitics #Ambedkarवाद
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

West Bengal: ममता का ‘चुनावी मास्टरस्ट्रोक’, आचार संहिता से पहले दो बड़ी योजनाओं का एलान, आज से ही बंगाल में लागू

West Bengal: ममता का ‘चुनावी मास्टरस्ट्रोक’, आचार संहिता से पहले दो बड़ी योजनाओं का एलान, आज से ही बंगाल में लागू

West Bengal: ममता का ‘चुनावी मास्टरस्ट्रोक’, आचार संहिता से पहले दो बड़ी योजनाओं का एलान, आज से ही बंगाल में लागू

मुख्य समाचार
T20 World Cup : इंग्लैंड को हराकर भारत फाइनल में, धोनी-साक्षी का मजेदार रिएक्शन वायरल

T20 World Cup : इंग्लैंड को हराकर भारत फाइनल में, धोनी-साक्षी का मजेदार रिएक्शन वायरल

मनोरंजन
बिहार में बड़ा सियासी बदलाव? राज्यसभा में Nitish Kumar, नए CM को लेकर तेज हुई चर्चा

बिहार में बड़ा सियासी बदलाव? राज्यसभा में Nitish Kumar, नए CM को लेकर तेज हुई चर्चा

बिहार

RSS Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version