उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान बीएलओ पर बढ़ते दबाव और हाल में सामने आई आत्महत्या की घटनाओं को लेकर बसपा प्रमुख मायावती ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र में बीएलओ से जुड़ी समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए, ताकि उनके कामकाज को आसान बनाया जा सके और उन पर अनावश्यक बोझ न डाला जाए। सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मायावती ने लिखा कि शीतकालीन सत्र के हंगामेदार रहने की आशंका है, लेकिन उनकी पार्टी चाहती है कि यह सत्र शांतिपूर्वक चले ताकि राष्ट्रीय मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो सके। उन्होंने दिल्ली और अन्य बड़े शहरों में वायु प्रदूषण से लोगों को हो रही दिक्कतों को भी प्रमुख विषय बताया, जिस पर संसद में ठोस कदमों की जरूरत है। बीएलओ की बढ़ती समस्याओं का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा कि SIR प्रक्रिया में शिकायतों, बढ़ते कार्यभार और व्यावहारिक चुनौतियों पर संसद को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से काम नहीं चलेगा। देशहित में सत्ता और विपक्ष दोनों को जिम्मेदारी दिखानी होगी, ताकि इन मुद्दों का स्थायी समाधान निकल सके।




